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बरगद के पेड़ से प्रेरित डिजाइन और वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं: 5 तस्वीरों में देखें वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन की शुरुआती झलक

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत वडोदरा में अत्याधुनिक स्टेशन तेजी से आकार ले रहा है. प्लेटफॉर्म नंबर 7 के ऊपर बन रहा यह स्टेशन आधुनिक डिजाइन, बेहतरीन इंटरचेंज और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा.

Vadodara Bullet Train Station: अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अब सिर्फ कागजों या दावों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीन पर आकार लेता साफ दिखाई दे रहा है. दरअसल गुजरात के वडोदरा में बन रहा बुलेट ट्रेन स्टेशन इस प्रोजेक्ट के सबसे अनोखे और आधुनिक इंजीनियरिंग नमूनों में से एक है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे भारतीय रेलवे के मौजूदा वडोदरा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 के ठीक ऊपर बनाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को इंटरचेंज करने में जरा भी परेशानी न हो.

शहर की सांस्कृतिक पहचान ‘बरगद के पेड़’ से प्रेरित डिजाइन वाला यह स्टेशन न केवल देखने में भव्य होगा, बल्कि कनेक्टिविटी और पैसेंजर सुविधाओं के मामले में भी नया बेंचमार्क सेट करेगा. आइए, 5 तस्वीरों के जरिए जानते हैं वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन की वो बड़ी बातें, जो इसे देश के बाकी स्टेशनों से बिल्कुल अलग बनाती हैं:

वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन का निर्माण भारतीय रेलवे के मौजूदा प्लेटफॉर्म नंबर 7 के ठीक ऊपर किया जा रहा है. इस डायरेक्ट इंटीग्रेशन से यात्रियों को बुलेट ट्रेन और नॉर्मल ट्रेन के बीच स्विच करने के लिए स्टेशन परिसर से बाहर नहीं निकलना पड़ेगा.

पंड्या ब्रिज के पास बन रहे इस स्टेशन की लोकेशन इतनी परफेक्ट है कि यह वेस्टर्न रेलवे और सिटी/इंटरस्टेट बस डिपो से सीधे जुड़ा हुआ है. यानी ट्रेन से उतरते ही यात्री आसानी से लोकल या अंतरराज्यीय बसों के लिए जा सकेंगे.

स्टेशन पर बड़े वेटिंग लाउंज, बेबी केयर रूम, रेस्ट रूम और रिटेल शॉपिंग ज़ोन जैसी सुविधाएं होंगी. साथ ही ट्रैफिक जाम से बचने के लिए कार, बस और ऑटो के लिए अलग-अलग पिक-एंड-ड्रॉप और पार्किंग ज़ोन बनाए गए हैं.

बडोदरा शहर में बरगद (वड) के पेड़ों की प्रचुरता को देखते हुए स्टेशन का लुक बरगद के प्रोफाइल और पत्तियों से प्रेरित रखा गया है. अंदरूनी हिस्से को ऐसा डिजाइन किया गया है कि भरपूर धूप और आसमान का व्यू मिल सके.

स्टेशन निर्माण में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल हो चुका है-कॉनकोर्स, ट्रैक और प्लेटफॉर्म लेवल पर स्लैब कास्टिंग पूरी कर ली गई है. फिलहाल इसके भारी-भरकम स्ट्रक्चरल स्टील को असेंबल करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है.

-भारत एक्सप्रेस

 



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