Bharat Express DD Free Dish

देवशयनी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, पढ़ें आज का पंचांग और जानें शुभ-अशुभ समय

Aaj Ka Panchang: जानें आज की तिथि, वार, नक्षत्र, योग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और देवशयनी एकादशी का धार्मिक महत्व. नए कार्य और पूजा के लिए सही समय की पूरी जानकारी.

Aaj Ka Panchang 25 July 2026

Aaj Ka Panchang 25 July 2026: आज का पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 11:34 बजे तक रहेगी. इसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा. पूरे दिन ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जबकि ब्रह्म योग भी बना हुआ है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म योग को पूजा, जप, दान और अन्य शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है.

नए काम की शुरुआत से पहले देखें शुभ समय

यदि आप आज कोई नया व्यवसाय शुरू करने, घर में पूजा कराने, वाहन खरीदने या किसी अन्य मांगलिक कार्य की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बेहतर माना जाता है. खास तौर पर अभिजीत मुहूर्त को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है. इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठान करने का विशेष महत्व बताया गया है.

राहुकाल में इन कामों से बचने की सलाह

आज सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक राहुकाल रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय नए कार्यों की शुरुआत, महत्वपूर्ण निवेश या लंबी यात्रा शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि रोजमर्रा के सामान्य कामों पर इसका प्रभाव नहीं माना जाता और उन्हें सामान्य रूप से किया जा सकता है.

क्यों इतनी खास मानी जाती है देवशयनी एकादशी?

हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी का विशेष स्थान है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं. इसके साथ ही चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है. इस अवधि में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रम आमतौर पर नहीं किए जाते, जबकि पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन, व्रत और आध्यात्मिक साधना का महत्व बढ़ जाता है.

इसी वजह से आज के दिन श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं. कई लोग उपवास रखते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य भी करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कर्मों का विशेष फल प्राप्त होता है.

दिन को शुभ बनाने के लिए क्या करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा तुलसी के पौधे की पूजा करना, भगवान को पीले फूल अर्पित करना और सात्विक भोजन ग्रहण करना भी शुभ माना जाता है. जो श्रद्धालु एकादशी का व्रत रखते हैं, वे अगले दिन द्वादशी तिथि पर विधि-विधान के साथ व्रत का पारण करते हैं.


ये भी पढ़ें:


दिन की शुरुआत करें सही जानकारी के साथ

धार्मिक परंपराओं में पंचांग केवल तिथि और समय बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शुभ-अशुभ समय की जानकारी देकर लोगों को अपने दिन की बेहतर योजना बनाने में भी मदद करता है. ऐसे में यदि आप आज किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं या पूजा-पाठ का विशेष संकल्प ले रहे हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है. देवशयनी एकादशी का यह पावन अवसर भक्ति, आत्मचिंतन और सकारात्मक शुरुआत का संदेश देता है, इसलिए श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस दिन का पालन करते हैं.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read