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छठ पूजा 2025 की शुरुआत: नहाय-खाय से शुभ योगों का संगम, इन तीन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

छठ पूजा 2025 की शुरुआत नहाय-खाय से हो गई है. ज्योतिषीय दृष्टि से भद्रावास, सुकर्मा और अतिगण्ड योग इस पर्व को विशेष बना रहे हैं. सिंह, मकर और कुंभ राशि के जातकों को मिलेगा शुभ फल.

Chhath Puja 2025

Chhath Puja 2025: छठ पूजा का शुभारंभ आज शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 को नहाय-खाय के साथ हो चुका है. यह पर्व चार दिनों तक चलता है और हर दिन का अपना धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है. रविवार, 26 अक्टूबर को खरना, सोमवार को संध्या अर्घ्य और मंगलवार 28 अक्टूबर को सुबह अर्घ्य देने के साथ यह महापर्व संपन्न होगा.

नहाय-खाय का दिन बेहद शुभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नहाय-खाय का दिन बेहद शुभ माना गया है. खास बात यह है कि आज भद्रावास योग बन रहा है, जो दोपहर 2:34 बजे से लेकर पूरी रात तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान भद्रा स्वर्ग लोक में स्थित रहेगी, जिससे इस समय किए गए पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान विशेष फलदायी माने जाते हैं.

27 अक्टूबर को बन रहे शुभ योग

छठ पूजा के तीसरे दिन यानी 27 अक्टूबर को दो और शुभ योग अतिगण्ड योग और सुकर्मा योग बन रहे हैं, जिनमें से सुकर्मा योग पूरे दिन और रात तक प्रभावी रहेगा. ये योग छठ पर्व के आयोजन के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं और इनका प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से सकारात्मक रहेगा.

सिंह राशि

सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं. इसलिए इस पर्व पर सूर्य की उपासना से सिंह राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलेगा. व्यापार में मुनाफे के अवसर बढ़ेंगे, करियर में प्रमोशन और सम्मान मिलेगा. समाज और परिवार में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होंगे.

मकर राशि

मकर राशि के जातकों पर छठी मैया की कृपा सालभर बनी रहेगी. सूर्य देव का आशीर्वाद आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाएगा. रुके हुए काम पूरे होंगे, करियर में नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. धन संबंधी योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है.

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए छठ महापर्व अत्यंत शुभ समय लेकर आया है. भाग्य का साथ मिलेगा, नए अवसर सामने आएंगे और मेहनत का फल मिलेगा. आर्थिक समस्याएं दूर होंगी और नौकरी या व्यवसाय में सफलता के नए रास्ते खुलेंगे. करियर में पदोन्नति और नई जिम्मेदारियों के अवसर प्राप्त होंगे.

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इस प्रकार छठ पूजा का यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. शुभ योगों और ग्रहों की तालमेल के चलते यह समय विशेष रूप से फलदायी साबित हो सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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