संगम तट पर श्री बड़े हनुमान जी महाराज का भव्य गंगा स्नान, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा प्रयागराज
Bade Hanuman Ganga Snan: तीर्थराज प्रयागराज के संगम तट पर विराजमान श्री बड़े हनुमान जी महाराज का मां गंगा ने भव्य स्नान कराया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. गंगा स्नान के दौरान संगम तट जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारों से गूंज उठा, भक्तों ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया.
पैसों की तंगी से हैं परेशान? जन्माष्टमी पर तुलसी की मंजरी से कर लें ये चमत्कारी उपाय; बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर तुलसी की मंजरी से जुड़े कुछ खास उपाय करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक तंगी दूर होती है. जानिए मंजरी को तिजोरी में रखने का मंत्र और इसे तोड़ने के जरूरी नियम.
Aaj Ka Panchang: रविवार को अभिजित मुहूर्त में करें शुभ काम, शाम को राहुकाल का अलर्ट
30 अगस्त 2026, रविवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 9:37 बजे तक रहेगी, इसके बाद तृतीया शुरू होगी. राहुकाल शाम 5:09 से 6:42 बजे तक रहेगा.
Aaj ka Rashifal: रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग से छप्परफाड़ नोट छापेंगी ये 4 राशियां! जानिए मेष से मीन तक का हाल
30 अगस्त 2026 को सर्वार्थ सिद्धि और बुधादित्य योग के प्रभाव से मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों को धन लाभ और करियर में सफलता के योग हैं. वहीं मेष, सिंह और धनु राशि वालों को खर्च, कारोबार और पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
रक्षाबंधन के बाद कलाई पर बंधी राखी का क्या करें? जानिए विसर्जन और उतारने का सही नियम
रक्षाबंधन का त्योहार बीतने के बाद अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि कलाई पर बंधी राखी को कब और कैसे उतारना चाहिए. इस लेख में जानिए रक्षासूत्र के विसर्जन से जुड़े सही नियम और धार्मिक मान्यताएं.
बहुला चतुर्थी 2026: कब रखा जाएगा व्रत? जानें पूजा, चंद्रोदय का समय और धार्मिक महत्व
Bahula Chaturthi 2026: बहुला चतुर्थी का व्रत 31 अगस्त 2026 को रखा जाएगा. इस दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है. संतान की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए इस व्रत को विशेष माना जाता है. जानें तिथि, चंद्रोदय समय और पूजा से जुड़ी मान्यताएं.
आज शनिदेव की पूजा से मिलेगी साढ़ेसाती से मुक्ति, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Aaj ka Panchang 29 August 2026: 29 अगस्त 2026 से भाद्रपद माह की शुरुआत हो गई है. आज शनिवार व्रत और शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है.
जब रवींद्रनाथ ठाकुर ने राखी को बनाया एकता का हथियार, ऐसे हुआ था बंग-भंग का विरोध
Raksha Bandhan History: 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में रवींद्रनाथ ठाकुर ने रक्षाबंधन को हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक भाईचारे का प्रतीक बना दिया था. 16 अक्टूबर को लोगों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर ब्रिटिश शासन की ‘फूट डालो और राज करो’ नीति के खिलाफ एकजुटता दिखाई.
‘एक धागे में सिमटा सदियों का इतिहास’: जानिए कब और कैसे हुई रक्षाबंधन की शुरुआत, क्या कहती हैं लोककथाएं?
Raksha Bandhan History And Origin: रक्षाबंधन का त्योहार हजारों सालों से भारतीय परंपरा का हिस्सा है. इस पर्व में बांधे जाने वाले रक्षा-सूत्र का जिक्र वैदिक और पौराणिक किताबों में मिलता है. पौराणिक कथाओं के मुताबिक इंद्राणी ने देवराज इंद्र को असुरों से युद्ध से पहले रक्षा-सूत्र बांधा था.
रक्षाबंधन पर रामलला को बांधी गई राखी, विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ भव्य श्रृंगार
Ayodhya Ram Lalla Rakhi: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को विधि-विधान से राखी बांधी गई. विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया, श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की.





