Pushya Nakshatra 2025: इस साल दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी और इससे ठीक पहले, 14 और 15 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र में इस नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना गया है, और इसे खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त माना जाता है.
पुष्य नक्षत्र का समय और शुभ योग
- पुष्य नक्षत्र की शुरुआत 14 अक्टूबर, मंगलवार को सुबह 11:54 बजे होगी और यह 15 अक्टूबर, बुधवार को दोपहर 12:00 बजे समाप्त होगा.
- 14 अक्टूबर को मंगलवार होने के कारण ‘मंगल पुष्य योग’ बन रहा है.
- 15 अक्टूबर को बुधवार होने के कारण ‘बुध पुष्य योग’ बन रहा है.
- यह नक्षत्र धन, समृद्धि और सफलता दिलाने वाला माना जाता है.

दीवाली से पहले खरीदारी का शुभ समय
मान्यता है कि इस शुभ योग में किए गए कार्य, खरीदारी या निवेश लंबे समय तक स्थायी लाभ प्रदान करते हैं. इसलिए इस दौरान निवेश करना, नए व्यवसाय की शुरुआत करना, या घर और वाहन खरीदना विशेष रूप से शुभ माना जाता है.
पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदें, क्या करें?
इस शुभ समय में सोना, चांदी, आभूषण, वाहन, भूमि, भवन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, और नए बही-खाते (अकाउंट बुक्स) खरीदना अत्यंत फलदायी होता है.
इसके अलावा, इस दौरान धार्मिक कार्यों को करने का भी महत्व है:
- भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी, भगवान शिव और गणेश जी की विशेष पूजा-अर्चना करें.
- नया व्यापार या नौकरी शुरू करना भी शुभ माना जाता है.
- दान-पुण्य के कार्य करने से विशेष लाभ मिलता है.
14 और 15 अक्टूबर को करें पूजा
14 अक्टूबर, मंगलवार (मंगल पुष्य योग): इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा का विधान है. हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं, तथा हनुमान चालीसा और राम नाम का जप करें. मंगल ग्रह की शांति के लिए शिवलिंग पर लाल गुलाल, लाल फूल, और लाल मसूर की दाल चढ़ाकर पूजा करें.
15 अक्टूबर, बुधवार (बुध पुष्य योग): बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें. उन्हें दूर्वा की 21 गांठ चढ़ाएं और ‘श्री गणेशाय नमः’ मंत्र का जप करें. बुध ग्रह के शुभ फल के लिए हरे मूंग का दान करना चाहिए.
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