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सावन का महीना बेहद पवित्र, फिर क्यों इस दौरान नहीं होतीं शादियां? जानिए वजह

सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना की जाती है, लेकिन इस पवित्र माह में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं. चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने के कारण विवाह और अन्य शुभ कार्यों पर रोक रहती है.

Sawan 2026

Sawan 2026: सनातन धर्म में सावन के महीने का खास महत्व माना जाता है. यह पूरा महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति में डूबा रहता है, जिसमें सोमवार के व्रतों का भी विशेष मह्त्व माना जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भादवान शिव के प्रिय और पवित्रता से भरे सावने के महीने में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य क्यों नहीं किए जाते? आइए जानते है इसके पीछे की वजह और इन दिनों में किन कामों को करने से बचना जरूरी माना गया है.

क्यों सावन में नहीं होतीं शादियां?

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सावन महीने में चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है. इस बार यह महीना 30 जुलाई से लेकर 28 अगस्त तक रहने वाला है, जबकि चातुर्मास इससे कुछ दिन पहले यानी 25 जुलाई से ही आरंभ हो चुका है. माना जाता है कि चातुर्मास के इन चार महीनों में जगत के पालमहार भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं यानी आराम करते हैं. सनातम परंपरा के मुताबिर किसी भी विवाह या मांगलिक कार्य को सफल होने के लिए भगवान विष्णु का आशीर्वाद सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है. अब क्योंकि इन 4 महीनों में भागवन विष्णु विश्राम पर होते है इसलिए इस दौरान शादियां वर्जित मानी जाती हैं.

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चातुर्मास में क्या-क्या करना होता है वर्जित?

सिर्फ शादी ही नहीं बल्कि सावन और चातुर्मास के दौरान कुछ अन्य जरूरी नियमों का पालन करने की भी परंपरा है.

शुभ कार्यों पर रोक: इस दौरान विवाह के अलावा सगाई, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश या किसी नए व्यापार की शुरुआत करने से बचना चाहिए.

खान-पान से जुड़े नियम: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन चार महीनों में तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए. लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन वर्जित माना जाता है. इसके अलावा, सेहत और धार्मिक कारणों से पत्तेदार सब्जियों, बैंगन और मूली जैसी चीजों से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है.

लंबी यात्राओं से बचाव: परंपरा के अनुसार इन महीनों में साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर तपस्या करते हैं. इसलिए आम लोगों को भी इस दौरान लंबी यात्राओं या घूमने-फिरने से बचने के लिए कहा जाता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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