Navratri kab se shuru: मां भगवती की शक्ति साधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू हो रहा है. आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाला यह 9 दिवसीय उत्सव 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा. इस बार मां दुर्गा का आगमन बेहद शुभ माने जाने वाले हाथी पर हो रहा है.
नवरात्र के पहले दिन यानी 11 अक्टूबर को कलश स्थापना का शुभ अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा. इस दौरान घटस्थापना कर मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जाएगी. 16 अक्टूबर को बेलवरण पूजा, 17 अक्टूबर को महासप्तमी पर पट खुलेंगे, 18 अक्टूबर को महाअष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और संधि पूजा तथा 20 अक्टूबर को विजयादशमी व प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा.
11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्र
आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना का सबसे पावन पर्व शारदीय नवरात्र इस साल 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होने जा रहा है. आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर यह पर्व 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी (दशहरा) के साथ संपन्न होगा. नवरात्र के नौ दिनों में श्रद्धालु मां भगवती के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना, व्रत और साधना करेंगे.
हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन
ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, इस वर्ष जगदम्बा मां दुर्गा का आगमन हाथी (गज) पर हो रहा है. धार्मिक मान्यताओं में देवी का हाथी पर आना अत्यंत शुभ माना जाता है. यह समृद्धि, शांति, सुख और अच्छी वर्षा का संकेत देता है, जिससे कृषि और अर्थव्यवस्था में स्थिरता आती है.
कलश स्थापना का शुभ अभिजीत मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहेगा. इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घटस्थापना की जाएगी. कलश स्थापना के लिए सबसे उत्तम माना जाने वाला अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा. स्थानीय सूर्योदय के अनुसार समय में आंशिक बदलाव हो सकता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग से समय मिला लें.
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-भारत एक्सप्रेस
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