Bharat Express DD Free Dish

सावधान! आज लग रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज लग रहा है. फाल्गुन अमावस्या पर होने वाली इस खगोलीय घटना के दौरान क्या खाएं, क्या न छुएं और गर्भवती महिलाएं किन बातों का ख्याल रखें? जानिए सूर्य ग्रहण के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां और नियम.

Surya Grahan 2026 Rules and Rules

ये AI जेनरेटेड इमेज है.

Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज यानी 17 फरवरी, मंगलवार को लगने जा रहा है. ज्योतिष और खगोल विज्ञान, दोनों ही नजरिए से यह एक बड़ी घटना है. फाल्गुन मास की अमावस्या पर लगने वाला यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक चलेगा.

भले ही विज्ञान इसे चंद्रमा का सूर्य और पृथ्वी के बीच आना मानता हो, लेकिन हमारी मान्यताओं और शास्त्रों में इसे राहु-केतु के प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है. यही वजह है कि ग्रहण के दौरान कुछ खास सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है. अगर आप भी उलझन में हैं कि इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं, तो चलिए हम आपको आसान भाषा में इसके जरूरी नियम बताते हैं.

गर्भवती महिलाएं बरतें खास सावधानी

हमारे बड़े-बुजुर्ग हमेशा कहते आए हैं कि ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपना बहुत ख्याल रखना चाहिए. माना जाता है कि ग्रहण की किरणें गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा असर डाल सकती हैं. इसलिए, इस दौरान बाहर निकलने से बचें. साथ ही सुई-धागा, कैंची या चाकू जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें. एक पुरानी परंपरा यह भी है कि गर्भवती महिलाएं अपने पास एक नारियल रखें, जो नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है.

मंदिर और मूर्तियों से दूरी

सूर्य ग्रहण के दौरान भगवान की मूर्तियों को छूना मना होता है. सूतक काल लगते ही मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं ताकि भगवान पर ग्रहण की छाया न पड़े. आप घर पर रहकर मन ही मन मंत्रों का जाप कर सकते हैं, लेकिन मंदिर को कपड़े से ढक देना ही बेहतर है.

खाने-पीने और सफाई का ध्यान

कहा जाता है कि ग्रहण के वक्त वातावरण दूषित हो जाता है, जिससे पका हुआ खाना खराब हो सकता है. इससे बचने के लिए ग्रहण शुरू होने से पहले ही खाने-पीने की चीजों और दूध-दही में तुलसी के पत्ते डाल दें. इससे भोजन शुद्ध रहता है. इसके अलावा, ग्रहण के दौरान नाखून काटना या बाल कटवाना भी वर्जित माना गया है.

क्या करना रहेगा शुभ?

ग्रहण के समय दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है. इस दौरान आप ‘ॐ सूर्याय नमः’ या अपने इष्ट देव के मंत्रों का मानसिक जाप करें. जैसे ही ग्रहण खत्म हो, पूरे घर की सफाई करें, खुद भी स्नान करें और गंगाजल का छिड़काव करें. इसके बाद ही पूजा-पाठ करें और सामर्थ्य अनुसार गरीबों को अनाज या कपड़ों का दान दें.

इन जगहों पर जाने से बचें

शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां हावी रहती हैं. इसलिए श्मशान घाट या किसी सुनसान जगह पर अकेले जाने से बचना चाहिए. घर में शांति बनाए रखें और किसी असहाय या गरीब का अपमान न करें, वरना शनिदेव की टेढ़ी नजर पड़ सकती है.

ये भी पढ़ें: मंगलवार को राहुकाल के 90 मिनट भारी, सूर्य ग्रहण और अमावस्या साथ-साथ; पढ़ें आज का पंचांग

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read