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विनायक चतुर्थी पर पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त! शाम को लगेगा राहुकाल, जान लें आज का पूरा पंचांग

16 अगस्त 2026 को सावन शुक्ल चतुर्थी और विनायक चतुर्थी का पावन संयोग है. गणेश पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त समेत कई शुभ समय रहेंगे. राहुकाल शाम 5:22 से 7:01 बजे तक रहेगा, जबकि चंद्रमा कन्या राशि में शुक्र के साथ विराजमान रहेंगे.

Aaj Ka Panchang 13 August 2026: आज रविवार, 16 अगस्त 2026 को सावन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है. आज के दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी की विशेष पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी कष्ट, बाधाएं और आर्थिक संकट दूर होते हैं. सुहागिनें और श्रद्धालु आज गणपति बाप्पा को दुर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. रविवार का दिन होने के कारण आज सूर्य देव को अर्घ्य देना और उनका आशीर्वाद लेना भी विशेष फलदायी रहेगा.

पूजा का शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Panchang 16 August 2026)

पंचांग के अनुसार आज सावन शुक्ल चतुर्थी तिथि दोपहर 03:15 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी.

शुभ का चौघड़िया: सुबह 05:51 AM से 07:29 AM तक

चर चौघड़िया: सुबह 10:47 AM से दोपहर 12:26 PM तक

लाभ चौघड़िया: दोपहर 12:26 PM से 02:05 PM तक

अमृत चौघड़िया: दोपहर 02:05 PM से 03:44 PM तक

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 AM से 12:51 PM तक (गणपति पूजा के लिए सर्वोत्तम)

ग्रहों का गोचर

चंद्र देव आज कन्या राशि में विराजमान रहेंगे, जहाँ शुक्र के साथ उनकी सुंदर युति बन रही है. सूर्य और गुरु कर्क राशि में, मंगल मिथुन में, शनि मीन (वक्री) में, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं.

राहुकाल की टाइमिंग

रविवार को राहुकाल शाम के समय रहता है, इसलिए कोई भी नया या शुभ काम शुरू करने से पहले समय ज़रूर देख लें:

राहुकाल: शाम 05:22 PM से 07:01 PM तक (इस दौरान शुभ कार्य न करें).

यमगण्ड काल: दोपहर 12:26 PM से 02:05 PM तक

गुलिक काल: दोपहर 03:44 PM से 05:22 PM तक

आज का लकी कलर

आज रविवार और विनायक चतुर्थी का संयोग होने के कारण लाल, नारंगी (ऑरेंज) और पीला रंग पहनना आपके लिए बेहद शुभ और ऊर्जावान रहेगा.

आज के पंचांग से जुड़ी जरूरी बातें

अगर आप 16 अगस्त को कोई नया काम शुरू करने, पूजा करने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं, तो तिथि के साथ राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त को भी ध्यान में रखें. पंचांग की गणना स्थान के अनुसार कुछ मिनटों तक अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त देखना अधिक उपयुक्त रहता है.

-भारत एक्सप्रेस



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