Virat Ramayana Mandir: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक बहुत भव्य और विशाल धार्मिक स्थल का निर्माण तेजी से चल रहा है. यह है विराट रामायण मंदिर. यह मंदिर बनने के बाद दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगा. पूरा परिसर करीब 120 एकड़ में फैला हुआ है. यहां मुख्य मंदिर के साथ कुल 22 अन्य मंदिर भी बनाए जा रहे हैं. इन सब मिलाकर कुल 18 शिखर होंगे.
1080 फीट लंबा, 540 फीट चौड़ा होगा मंदिर
विराट रामायण मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा. इसके मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी. चार शिखर 180 फीट ऊंचे, एक शिखर 135 फीट, आठ शिखर 108 फीट और एक शिखर 90 फीट ऊंचा होगा. इस मंदिर की दूरी पटना से लगभग 120 किलोमीटर है.

रामायण से जुड़ी हर घटना खूबसूरती से दिखेगी
यह पूरा मंदिर रामायण की कहानियों पर आधारित होगा और रामायण से जुड़ी हर घटना को बहुत खूबसूरती से दिखाया जाएगा.

यह भी पढ़िए: भारत के सबसे बड़े मंदिर में स्थापित हो रही सोने-सी चमक वाली यह 108 फीट ऊंची प्रतिमा किसकी?
2030 तक बनकर तैयार हो जाएगा पूरा मंदिर
इस मंदिर का काम पटना का प्रसिद्ध महावीर मंदिर ट्रस्ट करा रहा है. ट्रस्ट के सचिव सायन कुणाल ने बताया कि यह उनके पिता दिवंगत आचार्य कुणाल किशोर का बहुत बड़ा सपना था. वे चाहते थे कि ऐसा भव्य मंदिर बने जो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो. अभी तक प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी की मूर्ति और गर्भ गृह की नींव का काम पूरा हो चुका है. उम्मीद है कि 2030 तक पूरा मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा.

17 जनवरी को स्थापित होगा सबसे बड़ा शिवलिंग
इस मंदिर परिसर में ही 17 जनवरी को दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा. एक पुजारी ने बताया कि अभी खरमास चल रहा है, इसलिए शिवलिंग को ट्रक से नीचे नहीं उतारा गया है. इसे स्थापित करने के लिए 15 जनवरी 2026 तक सारी तैयारियां पूरी हो जाएंगी. उसके बाद 17 जनवरी को विधि-विधान से इसकी स्थापना होगी. इस दिन हेलिकॉप्टर से शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाएगा. पांच प्रमुख तीर्थों – हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलास मानसरोवर और सोनपुर से पवित्र जल लाया गया है.
यह एक सहस्त्रलिंगम है, यानी इसमें 1008 शिवलिंगों का समावेश है. इस शिवलिंग की ऊंचाई 33 फीट है और वजन 210 मीट्रिक टन है. यह एक ही काले ग्रेनाइट के पत्थर से बनाया गया है. इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 10 साल की मेहनत से तैयार किया गया है. इसके लिए कोलकाता और भोपाल से बड़ी-बड़ी क्रेन मंगाई गईं.

कई राज्यों से होते हुए बिहार लाया गया शिवलिंग
21 नवंबर 2025 को तमिलनाडु से रवाना हुआ यह शिवलिंग ट्रक से कई राज्यों से गुजरता हुआ बिहार आया. आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश होते हुए गोपालगंज से मोतिहारी के केसरिया पहुंचा. सोमवार को यह कैथवालिया गांव में मंदिर परिसर में लाया गया. पहुंचते ही हजारों भक्त दर्शन के लिए उमड़ पड़े.
बिहार के लिए गर्व का क्षण, लाखों श्रद्धालु करेंगे दर्शन
विराट रामायण मंदिर सिर्फ रामायण का केंद्र नहीं बनेगा, बल्कि पूरे सनातन धर्म का प्रतीक होगा. लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आएंगे और पर्यटन भी बहुत बढ़ेगा. बिहार के लिए यह बहुत गर्व की बात है. प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं. विराट रामायण मंदिर और दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग मिलकर एक अनोखा धार्मिक स्थल बनेंगे. भक्तों में इसकी लेकर जबरदस्त उत्साह है.
UAE का मंदिर दुनिया के लिए एक मिसाल, इस धरती ने इतिहास का स्वर्णिम अध्याय लिखा: PM मोदी की स्पीच
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

