World’s Tallest Shivling: तमिलनाडु के महाबलीपुरम से निकला दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग अब बिहार लाया जा चुका है. यह विशाल शिवलिंग शनिवार को गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड में बल्थरी चेक पोस्ट पर पहुंचा. इसे 96 चक्कों वाले विशेष ट्रक से लाया गया है. यात्रा में करीब 45 दिन लगे. 21 नवंबर को महाबलीपुरम से रवाना हुआ यह शिवलिंग तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार आया.
हर कोई विशाल शिवलिंग को देख रहा
शिवलिंग के बिहार पहुंचते ही गोपालगंज में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. लोग मोबाइल से फोटो खींच रहे थे. जगह-जगह लोग खड़े होकर स्वागत कर रहे थे. पुलिस की मौजूदगी में भक्तों ने तिलक लगाया, आरती उतारी और फूल-अक्षत चढ़ाए. हर कोई इस विशाल शिवलिंग के दर्शन करना चाहता था.

एक ही पत्थर से तराशा है यह शिवलिंग
यह शिवलिंग एक ही ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया है. इसकी ऊंचाई 33 फीट है और वजन 210 मीट्रिक टन. निर्माण पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च हुए. महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में पिछले 10 साल से शिल्पकार लोकनाथ और उनकी टीम ने इसे बनाया. इसमें 1008 छोटे शिवलिंग भी उकेरे गए हैं.
5 जनवरी को पूर्वी चंपारण पहुंचाएंगे
गोपालगंज में रुकने के बाद 5 जनवरी को यह काफिला पूर्वी चंपारण के लिए रवाना होगा. रास्ते में बल्थरी और चैनपट्टी में भव्य स्वागत होगा. खजुरिया, हुसैनी होते हुए केसरिया पहुंचेगा. 17 जनवरी को विराट रामायण मंदिर में इसकी पीठ पूजा होगी. प्राण प्रतिष्ठा बाद में होगी. ट्रस्ट अध्यक्ष ललन सिंह के अनुसार जनवरी-फरवरी 2026 में विधिवत स्थापना हो सकती है.

विराट रामायण मंदिर की स्थापना
यह शिवलिंग पूर्वी चंपारण के चकिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर में स्थापित होगा. यह मंदिर आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है. 2023 में शिलान्यास हुआ. मंदिर में चार आश्रम होंगे. पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा रामायण मंदिर होगा. पटना से इसकी दूरी करीब 120 किलोमीटर है. इस शिवलिंग से मंदिर की भव्यता और बढ़ जाएगी.
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