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अडाणी ग्रामोत्सव में दिखी गांव की रौनक, खेल-कूद और लोकगीतों ने बांधा समां

Adani Gramotsav: मिर्जापुर के दाढ़ीराम गांव में आयोजित दो दिवसीय अदाणी ग्रामोत्सव में खेल प्रतियोगिताएं, रंगोली, कजरी-बिरहा लोकगायन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने ग्रामीणों को एक मंच पर जोड़ते हुए सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दिया.

Adani Gramotsav 2026

अडाणी ग्रामोत्सव 2026

Adani Gramotsav 2026: मिर्जापुर जिले के दाढ़ीराम गांव में 11 और 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित अडाणी ग्रामोत्सव ने ग्रामीणों को एक ऐसा मंच दिया, जहां मनोरंजन, खेल, संस्कृति और सामाजिक मेल-मिलाप का अनूठा संगम देखने को मिला. दो दिनों तक चले इस आयोजन में गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया. कार्यक्रम का मकसद ग्रामीणों को एकजुट करना, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना, स्थानीय प्रतिभाओं को सामने लाना और क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था.

पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

महोत्सव की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई. पूजा-अर्चना के बाद आमंत्रित अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस मौके पर मौजूद लोगों ने उत्सव की शुरुआत को सकारात्मक सोच और सामुदायिक विकास के संदेश से जोड़कर देखा. उद्घाटन समारोह के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह दिखाई दिया.

रस्साकशी प्रतियोगिता में दिखी टीम भावना

ग्रामोत्सव के पहले दिन खेल गतिविधियों पर खास जोर रहा. विभिन्न आयु वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. रस्साकशी प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र बनी रही. इस मुकाबले में लड़कों की छह और लड़कियों की चार टीमों ने भाग लेकर अपनी ताकत, तालमेल और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता के दौरान दर्शकों ने भी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया.

रंगोली प्रतियोगिता में झलकी गांव की पहचान

ग्रामीण संस्कृति और रचनात्मकता को मंच देने के उद्देश्य से “अपना गांव” विषय पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई. प्रतिभागियों ने अपने गांव की परंपराओं, जीवनशैली और खूबसूरती को रंगों के जरिए प्रस्तुत किया. प्रतियोगिता में कुल चार टीमों ने हिस्सा लिया. इनमें से तीन टीमों को उनके बेहतर प्रदर्शन के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्रदान किया गया.

कजरी और बिरहा की प्रस्तुति ने जीता दिल

कार्यक्रम का सबसे खास हिस्सा स्थानीय लोकसंगीत रहा. कजरी और बिरहा जैसी पारंपरिक लोक विधाओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रस्तुतियां आयोजित की गईं. क्षेत्र के लोक कलाकारों और गायकों ने मंच से ऐसे गीत प्रस्तुत किए, जिन्होंने दर्शकों को देर तक बांधे रखा. इन प्रस्तुतियों ने स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व को भी उजागर किया.

दूसरे दिन खेलों और गीत-संगीत का रहा जलवा

ग्रामोत्सव के दूसरे दिन पुरुषों और महिलाओं के लिए गेंद फेंक प्रतियोगिता कराई गई. दोनों वर्गों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले दो-दो प्रतिभागियों को विजेता चुना गया और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. इसके साथ ही लोकगीतों की प्रस्तुतियां भी जारी रहीं, जिससे पूरे आयोजन में सांस्कृतिक रंग बना रहा. ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और सफल बनाया.

जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान टोंगा श्री व्यास जी बिंद, ग्राम प्रधान थानापुर श्री राम सागर भारती, ग्राम प्रधान दाढ़ीराम श्री राजेश प्रजापति, ग्राम प्रधान सुखनई श्री मंगल राय तथा दाढ़ीराम गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक श्री यमुना प्रसाद मौजूद रहे. इसके अलावा भूमि अधिग्रहण विभाग, अडाणी फाउंडेशन और हेल्पएज इंडिया की टीमों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

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सामाजिक एकजुटता का बना मजबूत मंच

अडाणी ग्रामोत्सव ने ग्रामीणों को अपनी प्रतिभा दिखाने, स्थानीय परंपराओं का उत्सव मनाने और आपसी संबंधों को मजबूत करने का अवसर दिया. खेल प्रतियोगिताओं, रचनात्मक गतिविधियों और लोकसंगीत के मेल से सजे इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि ग्रामीण संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना समाज के समग्र विकास के लिए कितना महत्वपूर्ण है.

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-भारत एक्सप्रेस



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