Ashwin troll reply Vijay support: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है. सुपरस्टार विजय की पार्टी ‘टीवीके’ (TVK) अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इस ऐतिहासिक सफलता पर जब टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने विजय को बधाई दी, तो सोशल मीडिया पर संग्राम छिड़ गया.
दरअसल एक ट्रोलर ने अश्विन की पहचान को उनकी जाति से जोड़कर उन्हें डरपोक बताने की कोशिश की, लेकिन अश्विन ने अपने बेबाक और संजीदा जवाब से ट्रोलर को आईना दिखा दिया.
थलपति विजय को दिया बधाई संदेश?(Ashwin support Thalapati Vijay)
अश्विन ने सोशल मीडिया पर थलपति विजय और उनकी पार्टी को बधाई देते हुए एक बेहद भावुक संदेश लिखा था. उन्होंने कहा कि थलपति और उनकी पार्टी को इन शानदार नतीजों के लिए बधाई. मैं आपका बहुत बड़ा फैन होने से आगे बढ़कर अब एक ऐसे नेता का अनुयायी (Follower) बनना चाहूंगा, जो विकास का रास्ता दिखाए.
बता दें कि अश्विन का यह पोस्ट विजय के समर्थकों के बीच काफी वायरल हुआ, लेकिन कुछ लोगों को अश्विन का यह खुला समर्थन रास नहीं आया और उन्होंने क्रिकेटर को निशाने पर ले लिया.
Have said it once, i will say it again!
Who i was born to wasn’t my choice, thankfully I was born to parents that are beyond great.
Leadership is feeling empathetic towards another person’s struggles and enabling growth beyond barriers & that’s what my parents & teachers have… https://t.co/4iHd9cnf0R
— Ashwin 🇮🇳 (@ashwinravi99) May 5, 2026
रविचंद्रन अश्विन को ट्रोलर क्या बोला? (Ashwin troll reply Vijay support)
विवाद तब शुरू हुआ जब एक यूजर ने अश्विन को ट्रोल करते हुए लिखा कि अश्विन ऐसे ब्राह्मण हैं, जिन्हें द्रविडियन शासन (DMK) से डर लगता है, इसलिए वे नई शक्ति (विजय) के पीछे भाग रहे हैं.” इस कमेंट के जरिए ट्रोलर ने अश्विन की निष्ठा पर सवाल उठाए और उनकी जाति को राजनीति से जोड़ने की कोशिश की. आमतौर पर क्रिकेटर ऐसे विवादों से बचते हैं, लेकिन अश्विन ने मैदान छोड़ने के बजाय फ्रंट फुट पर आकर जवाब देने का फैसला किया.
क्रिकेटर ने दिया करारा जवाब
अश्विन ने ट्रोलर को जवाब देते हुए लिखा कि मैं किसकी संतान बना, यह मेरे बस में नहीं था. शुक्र है कि मुझे महान माता-पिता मिले. लीडरशिप का अर्थ दूसरों के संघर्ष के प्रति सहानुभूति रखना है, न कि जाति देखना. उन्होंने आगे लिखा कि वे उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब लोग वंश और जाति के बारे में बात करना बंद कर देंगे. अश्विन ने स्पष्ट किया कि उनकी शिक्षा उन्हें मुश्किलों से परे जाकर विकास का समर्थन करना सिखाती है, न कि किसी खास विचारधारा या जाति के नाम पर डरना.
थलपति विजय का ‘अजेय’ चुनावी आगाज
रविचंद्रन अश्विन का यह समर्थन इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि थलपति विजय की टीवीके ने तमिलनाडु की स्थापित राजनीति को हिलाकर रख दिया है. 234 सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाली टीवीके ने 108 सीटें जीतकर द्रविड़ राजनीति के पुराने किलों को ध्वस्त कर दिया है. बहुमत के आंकड़े (118) से महज 10 सीट दूर रहने वाली विजय की पार्टी अब सरकार बनाने की प्रबल दावेदार है. अश्विन जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व का समर्थन इस बात का संकेत है कि तमिलनाडु का युवा और प्रबुद्ध वर्ग अब बदलाव की नई लहर के साथ है.
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-भारत एक्सप्रेस
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