Kranti Goud
IND W vs ENG W: क्रिकेट की दुनिया में लॉर्ड्स मैदान को हमेशा से खास दर्जा मिला है. इसे “क्रिकेट का मक्का” कहा जाता है और यहां शानदार प्रदर्शन करना हर खिलाड़ी का सपना होता है. इस ऐतिहासिक मैदान के ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराना किसी भी क्रिकेटर के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में माना जाता है. कई दिग्गज खिलाड़ी भी इस सम्मान तक नहीं पहुंच सके, लेकिन भारत की युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अपने टेस्ट करियर के सिर्फ दूसरे मैच में वह कर दिखाया, जो हर किसी के बस की बात नहीं होती.
भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट मैच के दूसरे दिन 22 वर्षीय क्रांति गौड़ (Kranti Goud) ने अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. उन्होंने 37 रन देकर पांच विकेट झटके और लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज करा लिया. इस उपलब्धि के साथ वह ऐसा करने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बन गई हैं.
कौन हैं क्रांति गौड़? (who is Kranti Goud)
क्रांति गौड़ मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के छोटे से गांव घुवारा (बुंदेलखंड) की रहने वाली हैं. उनका जन्म 11 अगस्त 2003 को हुआ था. घरेलू क्रिकेट में वह मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में यूपी वॉरियर्स की ओर से खेलती हैं.
कम उम्र में ही उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई और लगातार प्रभावित किया है. वह 2025 महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी अहम हिस्सा रही थीं. उस टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ तीन विकेट लेकर उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार भी जीता था. अब लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर पांच विकेट लेकर ऑनर बोर्ड में अपना नाम दर्ज कर क्रांति गौड़ ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल चुका है. उनके इस प्रदर्शन ने न केवल टीम इंडिया की जीत की राह आसान की, बल्कि दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों में से एक पर भारतीय क्रिकेट का गौरव भी बढ़ाया.
इंग्लैंड पर बनाया दबाव
भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे. जवाब में इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही. भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद का शानदार इस्तेमाल किया और मेजबान टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया.
क्रांति गौड़ और सयाली सतघरे की जोड़ी ने शुरुआत से ही इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को झकझोर दिया. एक समय इंग्लैंड का स्कोर सिर्फ 47 रन पर चार विकेट था. क्रांति ने मिया बाउचियर और टेस्ट डेब्यू कर रहीं एलिस कैप्सी को बेहतरीन गेंदों पर आउट किया, जबकि सयाली ने अनुभवी बल्लेबाज हीदर नाइट का विकेट लेकर इंग्लैंड की मुश्किलें और बढ़ा दीं.
ये भी पढ़ें: ‘बड़ा मौका गंवा दिया…’, वैभव को प्लेइंग-11 से बाहर करने पर भड़के सुनील गावस्कर
इग्लैंड पूरी टीम लौटी पवेलियन
मुश्किल हालात में विकेटकीपर बल्लेबाज एमी जोन्स ने टीम को संभालने की कोशिश की. उन्होंने तेजी से अर्धशतक लगाया और कुछ समय तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया. हालांकि लंच से ठीक पहले वह शॉर्ट लेग पर ऋचा घोष को कैच थमा बैठीं. इसके बाद निचले क्रम की बल्लेबाज मैडी विलियर्स ने भी कुछ देर तक संघर्ष किया, लेकिन स्नेह राणा की शानदार स्पिन गेंद उन्हें भी बोल्ड कर गई. पूरी इंग्लिश टीम 170 रन पर सिमट गई और भारत को पहली पारी के आधार पर बड़ी बढ़त मिल गई.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


