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PM मोदी ने पुजारा को लिखा पत्र… ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक जीत को किया याद

भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के संन्यास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पत्र लिखकर शुभकामनाएं दीं. पुजारा ने पीएम का यह पत्र सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे सम्मान की बात बताया.

भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज और टेस्ट टीम की रीढ़ रहे चेतेश्वर पुजारा ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया. 24 अगस्त 2025 को पुजारा ने अपने 17 साल लंबे सफर को अलविदा कहा. उनके करियर और योगदान को देखते हुए देशभर से शुभकामनाओं और बधाइयों का सिलसिला जारी है. अब इस सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी जुड़ गया है.

पीएम मोदी ने पुजारा को एक खास पत्र लिखकर उनके खेल जीवन की उपलब्धियों की सराहना की और नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं. इस पत्र को खुद पुजारा ने सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा कि प्रधानमंत्री से मिला प्रशंसा पत्र उनके लिए बेहद सम्मान की बात है.

पुजारा की ‘दीवार’ जैसी बल्लेबाजी का ज़िक्र

प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा कि उन्हें पुजारा के संन्यास की खबर मिली और वह उनके बेहतरीन करियर के लिए हार्दिक बधाई देना चाहते हैं. पीएम मोदी ने खासतौर पर 2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे का ज़िक्र किया, जब पुजारा ने 521 रन बनाकर भारत को पहली बार ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट सीरीज जिताने में निर्णायक भूमिका निभाई थी. प्रधानमंत्री ने कहा कि मैदान पर उनकी मौजूदगी हमेशा यह भरोसा देती थी कि टीम सुरक्षित हाथों में है.

घरेलू क्रिकेट और सौराष्ट्र का योगदान

प्रधानमंत्री ने पत्र में यह भी कहा कि पुजारा ने सिर्फ भारतीय टीम ही नहीं बल्कि घरेलू क्रिकेट, खासकर सौराष्ट्र के लिए भी अहम योगदान दिया. उन्होंने लिखा कि राजकोट को क्रिकेट मानचित्र पर स्थापित करने में पुजारा की भूमिका आने वाली पीढ़ियों को गर्व महसूस कराएगी.

मोदी ने पुजारा के पिता अरविंद पुजारा का भी जिक्र किया, जो उनके शुरुआती कोच और मार्गदर्शक रहे. उन्होंने कहा कि पुजारा के संन्यास के इस मौके पर उनके पिता सबसे ज्यादा गर्व महसूस कर रहे होंगे. साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि उनकी पत्नी पूजा और बेटी अदिति अब उनके साथ ज्यादा समय बिता सकेंगी. 37 वर्षीय चेतेश्वर पुजारा ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैचों में 7195 रन बनाए, जिसमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं. उनका औसत 43.60 रहा। पुजारा ने 5 वनडे मैच भी खेले. लेकिन उन्हें असली पहचान टेस्ट क्रिकेट में उनकी धैर्य और तकनीक से मिली, जिसने उन्हें राहुल द्रविड़ की तरह टीम का “दीवार” बना दिया.

पुजारा की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री का पत्र साझा करते हुए पुजारा ने लिखा, “मुझे अपने संन्यास पर माननीय प्रधानमंत्री से प्रशंसा का पत्र प्राप्त हुआ, जिससे मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं. उनकी भावनाओं के लिए आभारी हूं. अब जीवन की दूसरी पारी में कदम रखते हुए मैं मैदान पर बिताए हर पल और फैन्स के प्यार को हमेशा संजोकर रखूंगा.”

चेतेश्वर पुजारा का करियर यह साबित करता है कि क्रिकेट सिर्फ तेज़ रनों और आक्रामक खेल का नाम नहीं है, बल्कि धैर्य और भरोसे की भी अहमियत है और शायद यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर करोड़ों भारतीय फैन्स उनके योगदान के लिए दिल से याद कर रहे हैं.

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