IND vs ENG
India T20 Series Loss: 6 जून 2026 भारतीय क्रिकेट के लिए एक नए दौर की शुरुआत का दिन. टीम इंडिया को मिला अपना 15वां टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान श्रेयस अय्यर. उम्मीद थी कि नए कप्तान के नेतृत्व में भारत आयरलैंड ( (Ind vs Ire) और इंग्लैंड (IND vs ENG) दौरे पर जीत की नई कहानी लिखेगा. लेकिन हुआ ठीक इसके उलट.
पहले आयरलैंड ने 17 साल बाद टी20 इंटरनेशनल में भारत को सीरीज में मात देकर इतिहास रच दिया, और फिर इंग्लैंड ने भी टीम इंडिया की कमजोरियों को पूरी तरह उजागर कर दिया. बारिश से प्रभावित पहले मुकाबले के बाद भारत लगातार तीन मैच हार गया और देखते ही देखते दोनों सीरीज हाथ से निकल गईं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि दुनिया की सबसे मजबूत टी20 टीमों में गिनी जाने वाली भारत लगातार दो सीरीज हार गई? क्या यह सिर्फ नए कप्तान का दबाव था, टीम चयन की गलती, या फिर भारतीय क्रिकेट के सामने खड़ी किसी बड़ी चुनौती का संकेत?
2019 की तरह है 2026
टीम इंडिया के लिए लगातार दो टी20 सीरीज हारना कोई नई बात नहीं है. इससे पहले ऐसा साल 2019 में हुआ था. करीब सात साल पहले भारतीय टीम ने लगातार दो टी20 सीरीज गंवाई थीं. सबसे पहले फरवरी 2019 में विराट कोहली की कप्तानी में भारत न्यूजीलैंड दौरे पर गया, जहां मेजबान टीम ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की. इसके तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया भारत दौरे पर आई और बेंगलुरु व विशाखापत्तनम में दोनों मैच जीतकर 2-0 से सीरीज जीत ली.
अब 2026 में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में हराया और उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम इंडिया का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. इस तरह 2019 के बाद भारत को लगातार दो टी20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा.
क्या टॉस भी बन रहा है हार की वजह?
टीम इंडिया की लगातार हार के बीच एक दिलचस्प चर्चा भी तेज हो गई है. कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स और फैंस का मानना है कि टॉस का भी इसमें बड़ा रोल रहा है. आंकड़ों पर नजर डालें तो आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए छह मुकाबलों में कप्तान श्रेयस अय्यर ने हर बार टॉस जीता. लेकिन हैरानी की बात यह रही कि टॉस जीतने के बावजूद भारत एक भी मैच नहीं जीत सका.
यही वजह है कि अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या बार-बार टॉस जीतकर पहले लिया गया फैसला टीम इंडिया पर उल्टा पड़ गया? हालांकि, सिर्फ टॉस को हार की वजह नहीं माना जा सकता, लेकिन मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए यह भी चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है.
हार से जुड़े कुछ बड़े आंकड़े
इंग्लैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे ज्यादा मैचों वाली किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज पर कब्जा किया है. इससे पहले दोनों टीमों के बीच छह टी20 सीरीज खेली गई थीं, जिनमें भारत ने पांच जीती थीं, जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही थी.
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यही नहीं, साल 2019 के बाद यह पहली बार है जब इंग्लैंड ने किसी भी फॉर्मेट की द्विपक्षीय सीरीज में भारत को हराया है. इससे पहले दोनों टीमों के बीच हुई ज्यादातर सीरीज में भारत का पलड़ा भारी रहा था. भारत ने 10 में से 8 सीरीज अपने नाम की थीं, जबकि इंग्लैंड में खेली गई दो टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई थीं.
अगर टी20 क्रिकेट की बात करें तो हाल के वर्षों में भारत का रिकॉर्ड शानदार रहा था. इस सीरीज से पहले टीम ने अपनी पिछली 12 द्विपक्षीय टी20 सीरीज में 11 जीती थीं और सिर्फ एक सीरीज, जो दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई थी, बराबरी पर खत्म हुई थी. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो टी20 सीरीज हारकर टीम इंडिया ने सात साल पुरानी उस याद को फिर ताजा कर दिया है, जब 2019 में उसे न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार सीरीज गंवानी पड़ी थी.
-भारत एक्सप्रेस
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