Election 2024: 400 पार का नारा कितना दमदार, प्रयागराज की जनता किसके साथ?
Video: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं. राजनीतिक दल चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए जोर-शोर से लगे हुए हैं. ऐसे में भारत एक्सप्रेस की टीम ने यहां के लोगों से माहौल जाना.
Lok Sabha Election 2024: कौन लगेगा किनारे, किसकी डूबेगी नाव? प्रयागराज की जनता ने खोले पत्ते!
Video: उत्तर प्रदेश का प्रयागराज शहर देश की प्रमुख लोकसभा सीटों में से एक है. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भारत एक्सप्रेस की टीम ने यहां संगम किनारे लोगों से बातचीत की.
Lok Sabha Election: सपा नेता और पूर्व मंत्री उज्ज्वल रमण सिंह ने थामा कांग्रेस का हाथ
Lok Sabha Election 2024: उज्ज्वल रमण सिंह पेशे से समाजसेवी और अधिवक्ता थे. हालांकि राजनीति में उनकी एंट्री पिता कुंवर रेवती रमण सिंह के 2004 में इलाहाबाद से लोकसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद हुई थी.
Lok Sabha Election 2024: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज की जनता किसके साथ?
Video: लोकसभा चुनाव के लिहाज से उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण राज्य है. बड़ा राज्य होने के कारण के चुनाव के नतीजों पर भी असर डालने में भूमिका निभाता है. ऐसे में भारत एक्सप्रेस की टीम ने प्रयागराज शहर पहुंचकर लोगों के विचार जाने.
यूपी: Lok Sabhe Election लड़ने के लिए इलाहाबाद की बरांव रियासत के राजकुमार सपा से कांग्रेस में होंगे शामिल
इस लोकसभा चुनाव में विपक्ष के इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस और सपा के बीच समझौता हुआ है. समझौते के अनुसार कांग्रेस को 17 सीटें मिली हैं. इन 17 सीटों में प्रयागराज सीट भी शामिल है.
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पर सुनवाई, परिसर में सर्वे के स्वरूप पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
Mathura News: श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं शाही ईदगाह सर्वे मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने का आदेश दिया था. अब सर्वे के स्वरूप पर फैसला सुरक्षित रखा है
Gyanwapi Verdict: ज्ञानवापी मुद्दे पर क्यों नहीं लागू हुआ प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट? जानें आखिर क्यों हुआ ये फैसला
Gyanwapi Verdict: ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष की याचिकाएं खारिज हो गई. बड़ा सवाल यह है कि इस मामले में प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट लागू क्यों नहीं हुआ?
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को पलटा, 2 IAS अधिकारियों को रिहा करने के दिए आदेश
हाईकोर्ट ने कहा, तथ्यों को छिपाने और अदालत को गुमराह करने वाले अधिकारियों के आचरण ने प्रथम अदालत की आपराधिक अवमानना की है.





