सिनेमा का ‘माणिक’ और फ्रांस का गौरव: 1989 का वो दिन जब पूरी दुनिया ने माना सत्यजीत रे का लोहा
साल 1989 में भारतीय सिनेमा को वैश्विक गौरव मिला जब फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा मित्तेरां ने खुद कोलकाता आकर सत्यजीत रे को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'लेजियोन ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया. सादगी और मानवीय संवेदनाओं के चितेरे रे ने 'अपू त्रयी' जैसी फिल्मों से विश्व सिनेमा की दिशा बदल दी थी.







