महाभारत युद्ध में जिस रथ पर सवार थे अर्जुन, क्या थीं उसकी विशेषाताएं? कितने घोड़े जुते थे, जानिए रहस्य
Facts About Arjuna Chariot Mahabharata: महाभारत के महायोद्धा अर्जुन का रथ 'नंदीघोष' बेहद दिव्य था. अग्निदेव से मिले इस रथ में चार चमत्कारी घोड़े और हनुमान जी का ध्वज था. जानिए इसके रहस्य...
श्रीकृष्ण का पांचजन्य ही नहीं, महाभारत-युद्ध में इन योद्धाओं के शंख बजने से भी थर्रा उठती थी धरा, जानें- किसे कहां से मिले?
Mahabharata Warriors Divine Shankh: द्वापर युग में हुए कुरुक्षेत्र के युद्ध में केवल श्रीकृष्ण का पांचजन्य ही नहीं गूंजा था, बल्कि भीष्म पितामह, अर्जुन और दुर्योधन के पास भी तेज आवाज वाले शंख थे. जानिए महाभारत के अनुसार किस योद्धा के शंख का क्या नाम था और उसकी उत्पत्ति कैसे हुई.
जन्माष्टमी पर गीता का संदेश- फल की इच्छा छोड़ सत्य और धर्म के मार्ग पर चलें
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त को पूरे देश में उत्साह के साथ मनाई जाएगी. गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को निष्काम कर्म, मोह-क्रोध से बचाव और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया था. इन उपदेशों को जीवन में अपनाने से हमें मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त हो सकता है.
Shri Krishna ही महाकाल थे: जब युद्धभूमि में प्रकट हुआ माधव का भयंकर रूप…अर्जुन ने देखा- उनके मुख में समा रहे थे सारे योद्धा
भगवान श्रीकृष्ण ने अपना विराट रूप दिखाते समय अर्जुन को बतलाया था कि वह कुरुक्षेत्र में सभी पापियों को नष्ट करने के लिए प्रकट हुए हैं, क्योंकि उन्हें उस समय धरती से अधर्म का नाश करना था, इसलिए उन्होंने करोड़ों योद्धाओं को युद्ध के जरिए मुक्ति दी.





