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automobile industry

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत धमाकेदार तरीके से की है. अप्रैल में यात्री वाहनों की बिक्री 25.4% और दोपहिया वाहनों की बिक्री 28.4% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. SIAM के अनुसार, कच्चे माल की कीमतों की चिंता के बावजूद मार्केट में मांग बेहद मजबूत बनी हुई है.

कंपनी ने एक बयान में कहा, "टाटा मोटर्स अपनी पूरी कमर्शियल वाहन रेंज पर हाल ही में की गई जीएसटी कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को देगी, जो 22 सितंबर से प्रभावी होगी, जिस दिन संशोधित जीएसटी दरें लागू होंगी."

सरकार GST स्लैब को सरल बनाने पर विचार कर रही है. 28 प्रतिशत वाले स्लैब को घटाकर 18 प्रतिशत किया जा सकता है और ऑटोमोबाइल पर जीएसटी दरों के ऊपर लगाया गया सेस भी समाप्त किया जा सकता है.

शेफलर एजी के ग्लोबल सीईओ क्लॉस रोसेनफेल्ड ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह निवेश उत्पादन क्षमता का विस्तार करने, स्थानीयकरण बढ़ाने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी कंपोनेंट में कंपनी की उपस्थिति को मजबूत करने पर केंद्रित होगा.

Toyota Fortuner और Legender ने भारत में 3 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार किया है. हर दिन औसतन 50 ग्राहक इस SUV को अपना रहे हैं, जो इसकी लोकप्रियता और भरोसे का प्रतीक है.

भारत में बनने वाली कई गाड़ियां ऐसी हैं, जिनकी मांग भारत में कम है, लेकिन वैश्विक स्तर पर वह धड़ल्ले से बिक रही हैं. इन मॉडल्स में होंडा की सिटी और एलिवेट, निसान की मैग्नाइट, हुंडई की वरना और जीप की मेरिडियन शामिल हैं.

देश में 31 मार्च 2025 तक इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री का आंकड़ा 61,65,964 यूनिट को छू चुका है. वित्त वर्ष 2025 के दौरान ईवी की कुल 20 लाख यूनिट बिकी.

रिपोर्ट में बताया गया कि यह आंकड़ा प्री-कोविड से पहले वित्त वर्ष 2019 में बने पीक के बराबर होगा. कमर्शियल वाहनों की मांग में तेजी आने की वजह इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और रिप्लेसमेंट मांग का बढ़ना और पीएम-ईबस सेवा स्कीम से सपोर्ट मिलना है.

PLI ऑटो योजना भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को नया रूप दे रही है, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे रही है, आयात पर निर्भरता कम कर रही है और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ रही है.

भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर तेजी से बढ़ा है, ईवी उत्पादन में बड़ा उछाल आया है. आत्मनिर्भरता बढ़ी, नये निवेश और सरकारी नीतियों से उत्पादन 28 मिलियन वाहनों तक पहुंचा.