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वित्त वर्ष 2025 के अंत तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री 61 लाख यूनिट से पार

देश में 31 मार्च 2025 तक इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री का आंकड़ा 61,65,964 यूनिट को छू चुका है. वित्त वर्ष 2025 के दौरान ईवी की कुल 20 लाख यूनिट बिकी.

देश में 31 मार्च 2025 तक इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री का आंकड़ा 61,65,964 यूनिट को छू चुका है. वित्त वर्ष 2025 के दौरान ईवी की कुल 20 लाख यूनिट बिकी. हाल ही में जारी एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. जेएमके रिसर्च की ‘एनुअल इंडिया ईवी रिपोर्ट कार्ड : एफवाई 2025’ के अनुसार, रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (ईटूडब्ल्यू) की कुल बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रही. इसके बाद यात्री इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों (ईथ्रीडब्ल्यू-पी) का स्थान रहा, जिनकी वित्त वर्ष 2025 में भारत के ईवी बाजार में लगभग 36 प्रतिशत हिस्सेदारी थी.

ईटूडब्ल्यू सेगमेंट ने वित्त वर्ष 2025 में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की. रजिस्टर्ड ईटूडब्ल्यू कैटेगरी में ओला इलेक्ट्रिक, टीवीएस मोटर्स और बजाज का नाम टॉप थ्री परफॉर्मर कंपनियों में शामिल रहा, जिनकी इस सेगमेंट में संयुक्त बाजार हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत दर्ज की गई.

ईथ्रीडब्ल्यू सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025 में 11 प्रतिशत की हुई वृद्धि

वहीं, ईथ्रीडब्ल्यू सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025 में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें पैसेंजर और कार्गो व्हीकल दोनों शामिल रहे. पैसेंजर सेगमेंट में महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी, बजाज ऑटो और वाईसी इलेक्ट्रिक टॉप परफॉर्मर कंपनी रहीं, जिनकी संयुक्त हिस्सेदारी सेगमेंट में कुल 25 प्रतिशत रही. तीनों ही कंपनियों ने कार्गो सेगमेंट में भी संचयी शेयर 19 प्रतिशत दर्ज करवाया है.

इसके अलावा, इलेक्ट्रिक कार की बिक्री को लेकर भी वित्त वर्ष 2025 में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इलेक्ट्रिक कार को लेकर टाटा मोटर्स प्रमुख प्लेयर रहा, जिसकी कुल बाजार हिस्सेदारी 53 प्रतिशत रही. इसके बाद एमजी मोटर का 28 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरा स्थान रहा.

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 तक ईवी बिक्री के लिए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और दिल्ली टॉप पांच राज्य बने रहे, जिनकी संयुक्त बाजार हिस्सेदारी 50 प्रतिशत रही. हालांकि, केवल वित्त वर्ष 2025 में बिहार ने दिल्ली की जगह शीर्ष पांच की लिस्ट में प्रवेश किया, जिसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और बिहार टॉप पांच राज्य बने.


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-भारत एक्सप्रेस



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