Parliament Attack 2001, ऐसा हमला जो India के लिए बना धब्बा!
वो दिन जो देश की संसद के लिए किसी काली सुबह से कम नहीं था. जब संसद में शीतकालीन सत्र चल रहा था. घड़ी में सुबह के 11 बजकर 28 मिनट का समय हुआ था. देश के प्रधानमंत्री पद पर अटल बिहारी वजापेयी थे और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में सोनिया गांधी थीं. सत्र चलने के दौरान विपक्ष की ओर से हंगामा किए जाने की वजह से सदन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया था. दोनों सदन लोक सभा और राज्य सभा की कार्यवाही को 40 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया था.
India पर लगा 50 % के Tariff अब अपने अंतिम दौर में Trump के खिलाफ आया प्रस्ताव
अमेरिका के तीन सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए भारी टैरिफ के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के तीन सदस्यों ने 12 दिसंबर को एक प्रस्ताव पेश किया, जिसका पूरा मकसद ट्रंप की राष्ट्रीय आपातकाल घोषणा को समाप्त करना है
TMC MP Saugata Roy ने सदन के बाहर पी सिगरेट, Video Viral होने पर पेश की सफाई
संसद परिसर से जुड़ा एक और मामला सामने आया। टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय को संसद भवन के बाहर सिगरेट पीते हुए देखा गया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया। इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आपत्ति जताई और इसे नियमों का उल्लंघन बताया।
Dhurandhar ने दिखाया ल्यारी का इतिहास, जानें फिल्म पर क्या बोले Pakistani
हाल ही में रिलीज़ हुई बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ ने एक बार फिर भारत से लेकर पाकिस्तान तक कराची के ल्यारी इलाके को चर्चा में ला दिया है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस जासूसी थ्रिलर में रणवीर सिंह, संजय दत्त और अक्षय खन्ना अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
पाकिस्तानी सांसदों का डोला इमान, पैसा देख ये सभी सांसद बन गए लालची!
स्थानीय मीडिया की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक यह पैसा इमरान खान की पार्टी पीटीआई के सांसद मुहम्मद इकबाल अफरीदी का था. जांच के बाद इन नोटों को उन्हें लौटा दिए गए. लेकिन, जिस तरह से पैसा देखने के बाद कई सांसदों ने जो हरकत की उसी ने पूरे मामले को हास्यास्पद बना दिया. पाकिस्तानियों ने सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रिया दी. लोगों ने सोशल मीडिया पर यहां तक लिखा कि इन सांसदों को संसद से बाहर निकाल देना चाहिए.
India दौरे के तुरंत बाद Putin का दुश्मन देश Visit. क्या है Modi का प्लान?
भारत दौरे के 8 दिन बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तुर्केमिनिस्तान विजिट पर हैं. 2 दिन के इस विजिट में पुतिन तुर्केमिनिस्तान के साथ-साथ तुर्की से भी संपर्क साधेंगे. तुर्की की एक प्रतिष्ठित मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति एर्दोआन से अश्गाबात नामक स्थान पर वो दोनों लोग मुलाकात करेंगे. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि कूटनीतिक दुनिया में तुर्की को भारत का दुश्मन देश माना जाता है.
Sholay Re-Release: Theatres में लौटी Sholay, लेकिन इस बार किए गए ये बड़े बदलाव!
भारतीय सिनेमा की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में से एक ‘शोले’ को 50 साल हो गए हैं. इस खास मौके पर 1975 में बनी यह फिल्म बड़े पर्दे पर शानदार वापसी कर चुकी है. लेकिन शोले के री-रिलीज में वहीं पुरानी शोले देखने को नहीं मिलने वाली है.
BJP Presidents List: किस जाति के लोग सबसे ज्यादा बने हैं BJP अध्यक्ष?
अमित शाह के अंडर पार्टी काफी तेजी से बदलाव की ओर बढ़ी और रिकॉर्ड हासिल करते हुए कार्यकर्ताओं के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई. 2014 से 2020 के दौरान अमित शाह के दो कार्यकाल के दौरान चुनावी विस्तार, कैडर रिस्ट्रक्चरिंग और राज्य स्तर पर दबदबे के मामले में सबसे असरदार काल बताया जाता है. उन्हें भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय पहचान का आर्किटेक्ट बताया गया. मौजूदा समय में जगत प्रकाश नड्डा पार्टी को लीड कर रहे हैं.
UP में दूसरी Seema Haider! शादी के बाद नेपाल के रास्ते Amroha पहुंची बांग्लादेशी महिला Reena Begum
अमरोहा के मंडी धनौरा में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला और उसके पति को हिरासत में लिया है। दोनों पर भारत में अवैध रूप से रहने का आरोप है। महिला ने पहले खुद को पश्चिम बंगाल की बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जांच में पता चला कि वह बांग्लादेश की रहने वाली है और नेपाल के रास्ते भारत आई थी। यह मामला सीमा हैदर केस जैसा दिख रहा है, क्योंकि दोनों मामलों में नेपाल रूट और बिना दस्तावेज़ प्रवेश जैसी समानताएँ सामने आई हैं। खुफिया एजेंसियाँ हर एंगल से जांच कर रही हैं।
West Bengal elections : बंगाल में दांव पर 58 लाख वोट ? ममता के फॉर्म पर सस्पेंस
पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) राजनीतिक विवाद का बड़ा कारण बन गया है। जहां कई राज्यों में SIR प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा बढ़ाई गई है, वहीं बंगाल में किसी प्रकार की तारीखों में ढील न देने से चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं।







