‘यह जो बिहार है’ और ‘हमर चंपारण’- बिहार की आत्मा और इतिहास के गहन चिंतन को उकेरती अरविंद मोहन की पुस्तकें
बिहार को समझना दरअसल भारत की उस आत्मा को समझना है, जो तर्क करती है, सवाल पूछती है और हर स्थापित सत्य को चुनौती देती है. यहां ‘मैं’ का स्थान ‘हम’ ने ले लिया है. यह सिर्फ भाषा नहीं, बल्कि एक सोच है.







