केदारनाथ-बद्रीनाथ में चढ़ने वाले दान-चढ़ावे पर अब रहेगी पैनी नजर, BKTC ने जारी किया कड़ा फरमान
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अपने प्रशासन के तहत आने वाले सभी मंदिरों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कड़ा आदेश जारी किया है. गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को जारी इस निर्देश में दान पेटियों, काउंटिंग सेंटर्स और ट्रेजरी सेक्शन में तैनात कर्मचारियों को अत्यधिक सावधानी बरतने और वित्तीय गड़बड़ियों से बचने की हिदायत दी गई है.
चारधाम यात्रा फिर से शुरू, सुधरे मौसम के बीच रजिस्ट्रेशन खुले, श्रद्धालुओं में खुशी की लहर
उत्तराखंड से चारधाम यात्रा को लेकर राहत भरी खबर आई है. खराब मौसम के कारण रोके गए रजिस्ट्रेशन अब फिर से शुरू हो गए हैं. श्रद्धालु हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून से ऑफलाइन या पर्यटन पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर यात्रा कर सकेंगे.
Char Dham Yatra 2025: चारधाम यात्रा 24 घंटे के लिए स्थगित, सीएम धामी ने जनता से की ये अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से सतर्क रहने और अगले 24 घंटों तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है, क्योंकि राज्य के पर्वतीय और कुछ मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
Pahalgam Attack के बाद सरकार का एक और सख्त फैसला, चारधाम यात्रा पर नहीं जा पाएंगे PAK से आए लोग
chardham yatra 2025: 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत होने जा रही है. इस यात्रा को लेकर उत्तराखंड प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. इस बीच पाकिस्तान से आए लोगों से जुड़ा एक सख्त फैसला लिया गया है.
शीतकालीन चारधाम यात्रा: श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस मुख्यालय ने जारी किए विशेष दिशा-निर्देश
Winter Char Dham Yatra: शीतकालीन चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने रविवार को विधिवत केदार बाबा के शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ से चारधाम यात्रा का ऐलान कर दिया है. उत्तराखंड में लंबे समय से चारधाम शीतकालीन यात्रा को लेकर आवाजें उठती रही हैं.
14000 फीट ऊपर पहली बार इतनी भीड़: मानसरोवर की तरह आदि कैलाश की बर्फीली वादियों में भोले के दर्शन कर रहे भक्त
आदि कैलाश यात्रा बहुत ही दुर्गम और कठिन होती है, क्योंकि यहां हवा में ऑक्सीजन की कम मात्रा के चलते सांस लेना मुश्किल होता है. यह 14 हजार फीट से भी अधिक ऊंचाई पर है. उत्तराखंड में चार धाम की तरह भक्तों को यहां की यात्रा भी भा रही है —
केदारनाथ हादसा: नागरिक विमानन महानिदेशालय कब जागेगा?
वीवीआईपी व जनता की सुरक्षा की दृष्टि से समय की माँग है कि नागर विमानन मंत्रालय के सतर्कता विभाग को कमर कस लेनी चाहिए और डीजीसीए में लंबित पड़ी पुरानी शिकायतों की जाँच कर यह देखना चाहिए कि किस अधिकारी से क्या चूक हुई।





