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Constitutional Bench

सुप्रीम कोर्ट ने तलाक-ए-हसन की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान इस तरह की प्रथा पर नाराजगी व्यक्त की है. कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी सभ्य समाज में इसकी इजाजत दी जा सकती है?

सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया है. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि अब न्यायिक अधिकारी सीधे अतिरिक्त जिला जज बन सकते है.

सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता फैसलों के संशोधन पर विचार करते हुए तीन सवालों पर दलीलें सुनीं, और फैसला सुरक्षित रख लिया. याचिका में अदालतों के हस्तक्षेप का अधिकार मांगने की बात की गई.

पीठ ने अपने फैसले में कहा कि हर निजी संपत्ति को सामुदायिक संपत्ति नहीं कह सकते, कुछ खास संसाधनों को ही सरकार सामुदायिक संसाधन मानकर इसका इस्तेमाल सार्वजनिक हित में कर सकती है.