‘राष्ट्रहित के सामने राजा का कोई मूल्य नहीं’, जानिए पंडित दीनदयाल की पुस्तकों पर क्यों छिड़ी शैक्षणिक बदलाव की चर्चा
इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती की परिचर्चा में साहित्यकारों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुस्तकों 'जगद्गुरु श्रीशंकराचार्य' और 'सम्राट चन्द्रगुप्त' को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की मांग की.





