बोझ नहीं,ढ़ाल होती हैं बेटियां: गाजियाबाद की 22 और 19 साल की रिषिका-खुशी ने लीवर-किडनी देकर पिता को दी जान
Ghaziabad daughter organ donation story: गाजियाबाद के मोरटा गांव में दो बेटियों ने अपने पिता जयंत त्यागी की जान बचाने के लिए बड़ा त्याग किया. 22 वर्षीय रिषिका ने लिवर का हिस्सा और 19 वर्षीय खुशी ने किडनी दान कर पिता को नई जिंदगी देने की कोशिश की.





