भारत की रक्षा क्षेत्र में नई क्रांति: निर्यात, उत्पादन और आत्मनिर्भरता के साथ वैश्विक शक्ति बनने की ओर तेजी से बढ़ता देश
भारत का रक्षा क्षेत्र तेज़ी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है. निर्यात में ज़बरदस्त बढ़ोतरी, घरेलू उत्पादन में रिकॉर्ड और आत्मनिर्भर भारत की नीति ने देश को रक्षा तकनीक के वैश्विक केंद्र के रूप में उभारा है.
कैबिनेट कमेटी ने रक्षा क्षमता को मजबूत करते हुए स्वदेशी ATAGS तोप की खरीद को दी मंजूरी
भारत ने रक्षा आत्मनिर्भरता को बढ़ाते हुए ₹7000 करोड़ की लागत से स्वदेशी ATAGS तोप प्रणाली की खरीद को मंजूरी दी, जो अत्याधुनिक तकनीक और उच्च मारक क्षमता से सेना की ताकत बढ़ाएगी.
भारत का स्वदेशीकरण पर जोर, 2015 से रक्षा उत्पादन 2.6 गुना बढ़ा
2023-24 में रक्षा उत्पादन 1.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. सरकार को उम्मीद है कि यह इस वित्त वर्ष में 1.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचेगा. 2019-20 और 2023-24 के बीच रक्षा उत्पादन में 12 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से वृद्धि हुई.





