राज दरभंगा से लेकर हथुआ और डुमरांव तक… आखिर कैसे बिहार के ऐतिहासिक घरानों की पुश्तैनी दुर्गा पूजा खींच लाती है लोगों को अपनी जड़ों की ओर?
बिहार में दुर्गा पूजा सिर्फ भव्य पंडालों और उत्सव का नाम नहीं है. पुराने जमींदार घरानों के लिए यह अपनी पुश्तैनी जड़ों, कुलदेवी और सदियों पुरानी परंपराओं से दोबारा जुड़ने का मौका भी है.





