नेपाल की बाढ़ और बिहार का ‘पानी का शाप’: इतिहास दोहरा रहा है?
26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण फ्लैश फ्लड ने हिमालयी नदियों की विनाशकारी शक्ति और बिहार के जल संकट की सच्चाई को फिर उजागर कर दिया. यह घटना दिनेश कुमार मिश्र की पुस्तक ‘पानी का शाप: बिहार में बाढ़-सुखाड़’ के संदेश को जीवंत करती है.
पानी का शाप या कुप्रबंधन का परिणाम? बिहार की त्रासद विरासत पर डॉ. दिनेश कुमार मिश्र का बड़ा खुलासा
बिहार में पानी कभी सिर्फ जीवन का स्रोत नहीं रहा, वह एक विरोधाभास है जहां एक ही समय में बाढ़ और सुखाड़ दोनों मौजूद रहते हैं. यह प्रकृति का दोष नहीं, बल्कि हमारी नीतियों और समझ की सीमाओं का परिणाम है.





