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economic growth

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को 2047 तक हाई-इनकम स्टेटस पाने के लिए 7.8% की औसत वार्षिक वृद्धि दर की जरूरत होगी. सुधारों की गति बढ़ाकर यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

फरवरी में भारत का एचएसबीसी कंपोजिट पीएमआई बढ़कर 60.6 पहुंचा, जिससे प्राइवेट सेक्टर की मजबूत वृद्धि दर्ज हुई. सर्विस सेक्टर में उल्लेखनीय उछाल और रोज़गार सृजन में रिकॉर्ड वृद्धि के कारण आर्थिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना रहा.

महाकुंभ मेले से अब तक 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हुआ है, जिससे यह देश के सबसे बड़े आर्थिक आयोजनों में शामिल हो गया है. यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि आर्थिक उन्नति का भी प्रतीक है.

भारत 2047 तक 23-35 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ उच्च आय वाला देश बन जाएगा, जो 8-10 प्रतिशत की निरंतर वार्षिक वृद्धि की वजह से संभव होगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के दौरान भारत की आस्था और संस्कृति को सम्मान देने की अहमियत पर जोर दिया और बताया कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को कैसे बल मिल रहा है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने जल परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दी है. इसके साथ ही जल पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

भारत के ट्रैवल एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्‍टर में 2025 की दूसरी छमाही में 8.2% रोजगार वृद्धि का अनुमान है, जो तकनीकी नवाचार, एमआईसीई गतिविधियों और सतत पर्यटन के बढ़ते प्रभाव से प्रेरित है.

Atmanirbhar Bharat News: भारत के पेट्रोकेमिकल उद्योग में निवेश और सुधार की आवश्यकता है, ताकि देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके. सुधारों से घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलेगी.

भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, FY25 की तीसरी तिमाही में भारतीय कंपनियां पहले के मुकाबले बेहतर राजस्व और मुनाफा दर्ज कर सकती हैं. ग्रामीण मांग और सार्वजनिक निवेश में तेजी की उम्मीद है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जनवरी के मासिक बुलेटिन में कहा गया कि भारत की आर्थिक वृद्धि में उछाल आने की संभावना है, क्योंकि घरेलू मांग में मजबूती आ रही है.