“एक वतन, एक क़ौम”: राष्ट्रीय संगोष्ठी ने नैतिक शक्ति और समावेशी विकास के जरिए एकता का मार्ग प्रशस्त किया
एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में "एक वतन, एक क़ौम- हिन्दुस्तान" के नारों के तहत शिक्षा, नैतिक चरित्र और समावेशी सहभागिता पर जोर दिया गया.

एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में "एक वतन, एक क़ौम- हिन्दुस्तान" के नारों के तहत शिक्षा, नैतिक चरित्र और समावेशी सहभागिता पर जोर दिया गया.