Bharat Express DD Free Dish

Freedom Fighters

आज भारत की स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका मैडम भीकाजी रुस्तम कामा की जयंती है. वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की उन विरल महिलाओं में से थीं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज बुलंद की और 1907 में स्टटगार्ट में ऐतिहासिक रूप से वंदे मातरम ध्वज फहराकर विश्व को भारत की स्वतंत्रता की आकांक्षा से परिचित कराया.

18 अगस्त 1942 को गाजीपुर के शेरपुर गांव के आठ वीर स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत की गोलियों का सामना करते हुए तिरंगा फहराया और देश की आजादी के लिए शहादत दी.

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन किया.

भारत की आजादी की लड़ाई सिर्फ सड़कों, जेलों और मैदानों तक सीमित नहीं थी. अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एक मोर्चा अदालतों में भी खुला था.

राजकुमारी अमृत कौर ने शाही जीवन छोड़कर स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया.

पराक्रम दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने अंडमान-निकोबार से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के शौर्य और बलिदान को याद किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने तिरुप्पूर कुमरन और सुब्रमणिया शिवा को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि इन दोनों स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी और राष्ट्रवाद की भावना को जागृत करने में अतुलनीय योगदान दिया.

गुमनामी बाबा के कमरे से निकली 2760 वस्तुएं आज भी रहस्य बनी हुई हैं. इनमें महंगी घड़ियाँ, विदेशी पाइप, नेताजी के परिवार की तस्वीरें, दुर्लभ नक्शे और 1600 से अधिक पत्र शामिल हैं. क्या ये सबूत साबित करते हैं कि गुमनामी बाबा ही नेताजी थे?

PM नरेंद्र मोदी अपने 12वें स्वतंत्रता दिवस भाषण के लिए लाल किला पर खड़े होंगे, जिसमें भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन, स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों की याद और समावेशी विकास पर जोर दिया जाएगा.

अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेते हुए साल 1925 में क्रांतिकारियों ने ट्रेन से ले जाए जा रहे उनके खजाने को लूट लिया था. इस लूटकांड को काकोरी के पास अंजाम दिया गया था.