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Gay marriage

महंत ने कहा कि, अगर समाज में समलैंगिक शादियां होंगी तो संतान उत्पन्न नहीं होगी और पीढियां आगे नहीं बढ़ सकेंगी. इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया जाना चाहिए.

Delhi: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का साफ तौर पर मानना है कि यह परिवार उजाड़ने और समाज में अनैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने जैसा है.