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Ghazipur Literature Festival

गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 (GLF 2025) में प्रोफेसर डॉ. मनोज राय (Professor Dr. Manoj Rai) ने देश के विकास (country's development) को बचाने और उसे आगे बढ़ाने (to protect and advance) के महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने विकास की गति को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदमों पर जोर दिया।

तीन दिवसीय गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल एक अविस्मरणीय साहित्यिक उत्सव के रूप में संपन्न हुआ. वाराणसी के होटल द क्लार्क्स से प्रारंभ होकर गाजीपुर की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित इस साहित्यिक मेले ने साहित्य, संस्कृति, भारतीय चेतना और आजादी के मूल्यों पर गहन संवाद का मंच प्रदान किया.

Ghazipur Literature Festival 2025: फिल्मेकर Avinash Das बताया क्यों खत्म हुई भोजपुरी सिनेमा की जगह !

GLF 2025: Manoj Tripathi बोले, 'Bhojpuri के साथ गंगा मैया वाला परसेप्शन खत्म हो गया |

Ghazipur Literature Festival 2025: Director M.K Raina ने हिन्दी Cinema कह दी बड़ी बात

Ghazipur Literature Festival 2025 का रविवार (9 नवंबर) समापन हुआ. इसकी शुरुआत शुक्रवार (7 नवंबर) को वाराणसी के होटल द क्लार्क्स में शुक्रवार को गरिमामय माहौल में हुई थी.

Ghazipur Literature Festival Day 3: भारत एक्सप्रेस के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन श्रोताओं को एक बार फिर संबोधित किया. उन्होंने पुस्तक मेले में भी शिरकत की, जहां बहुत-से प्रशंसकों-शुभचिंतकों ने उनके साथ पिक्चर्स क्लिक कराईं. तस्वीरों में देखें झलकियां...

Ghazipur Literature Festival 2025 को लेकर मशहूर कवि और लेखक Manoj Bhawuk ने Bharat Express से खास बातचीत में अपने विचार साझा किए। जानिए उन्होंने साहित्य, समाज और नई पीढ़ी की सोच पर क्या कहा। देखें यह Exclusive Interview और समझें कैसे Ghazipur बना सांस्कृतिक चर्चा का केंद्र।

Ghazipur Literature Festival 2025 पर पद्मश्री Rajeshwar Acharya ने Bharat Express से खास बातचीत में अपने विचार साझा किए। जानिए उन्होंने भारतीय संस्कृति, संगीत और साहित्य की भूमिका पर क्या कहा और इस फेस्टिवल को लेकर क्या उम्मीदें जताईं। देखें यह खास रिपोर्ट।

Ghazipur Literature Festival के ‘जड़ों की ओर’ थीम पर केंद्रित सत्र में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी व एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने अपनी जिंदगी की अनकही कहानियां, किताबों की सीख और माता-पिता के संस्कारों का जिक्र कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया.