जब भारत पूरी तरह यूरोपीय उपनिवेशवाद से मुक्त हो गया
19 दिसंबर का दिन गोवा में 451 वर्षों के पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन की समाप्ति का प्रतीक है. जिसे गोवा मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है. 1961 में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा गोवा, दमन और दीव को मुक्त कराने वाले सफल अभियान 'ऑपरेशन विजय' की सफलता को यह दिवस समर्पित है.
गोवा मुक्ति दिवस पर अमित शाह ने याद दिलाया ‘परमिट’ वाला दौर, बोले- इन महान नायकों की बदौलत मिली 451 साल की गुलामी से आजादी
क्या आप जानते हैं कि आजादी के बाद भी सालों तक भारतीयों को गोवा जाने के लिए इजाजत लेनी पड़ती थी? अमित शाह ने आज उन नायकों को नमन किया जिन्होंने इस अपमानजनक व्यवस्था को खत्म कर गोवा को भारत में मिलाया.
गोवा मुक्ति दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने वीरों के अदम्य साहस को किया सलाम, आज हुआ था 451 साल की गुलामी का अंत
जब पूरा देश आजाद था, तब भी गोवा गुलाम था. 19 दिसंबर 1961 को पुर्तगालियों से मिली उस आजादी को आज पूरा देश याद कर रहा है. पीएम मोदी ने इस मौके पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है.
भारत की आजादी के 14 साल बाद 36 घंटे में कैसे आजाद हुआ गोवा? आज ही खत्म हुई थी 451 साल की गुलामी
भारत को 1947 में आजादी तो मिल गई थी, लेकिन गोवा तब भी पुर्तगालियों के कब्जे में था. जानिए उन जांबाज नायकों और भारतीय सेना के उस मिशन की कहानी, जिसने कूटनीति फेल होने के बाद सैन्य ताकत से गोवा को भारत का अभिन्न अंग बनाया.





