‘जाति नहीं, कर्म से महान बनता है इंसान’; 75 साल बाद भी क्यों प्रासंगिक है दिनकर की ‘रश्मिरथी’?
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कृति ‘रश्मिरथी’ हिंदी साहित्य का एक कालजयी खंडकाव्य है, जो महाभारत के महान योद्धा कर्ण के जीवन, संघर्ष, दान, वीरता और अंतिम बलिदान पर केंद्रित है.





