सिर्फ ‘वीर रस’ नहीं, बदलाव की आवाज थे दिनकर; जानिए क्यों आज भी प्रासंगिक हैं राष्ट्रकवि?
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिंदी साहित्य के उन महान कवियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी ओजपूर्ण लेखनी से वीर रस को नई पहचान दी.
विनोद कुमार शुक्ल: सादगी के शब्दों में जीवन का जादू
प्रख्यात कवि, उपन्यासकार और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में जन्मे शुक्ल हिंदी साहित्य में सादगी और दार्शनिक गहराई का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करते थे.
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ट्विटर के माध्यम से कोटि-कोटि नमन किया. दिनकर की कविताओं ने देशभर में राष्ट्रभक्ति, वीरता और मानवता की भावना जगाई.
कौन थे हुल्लड़ मुरादाबादी? वो शख्स जिनकी रचनाएं सुनकर लोटपोट हो जाते थे लोग, समाज को भी दिखाया आईना
हुल्लड़ मुरादाबादी, जिनका असली नाम सुशील कुमार चड्ढा था, ने हिंदी साहित्य में हास्य-व्यंग्य की गहरी छाप छोड़ी. उनकी रचनाएं आज भी लोगों को गुदगुदाने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करती हैं.





