मंगलवार (23 सितम्बर) को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती के अवसर पर उनके योगदान को याद करते हुए देशभर में उन्हें नमन किया गया. दिनकर की कविताओं ने न केवल बिहार, बल्कि पूरे भारत में जनमानस में राष्ट्रभक्ति, वीरता और मानवता की भावनाओं को जगाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर आज ट्विटर के माध्यम से उन्हें कोटि-कोटि नमन किया. प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा कि दिनकर की कविताओं ने देशभर के लोगों में राष्ट्रभक्ति और वीरता की भावना को प्रबल किया है और उनकी ओजस्वी रचनाएं हर पीढ़ी को मां भारती की सेवा में समर्पित रहने के लिए प्रेरित करती रहेंगी.
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनकी कविताएं बिहार के साथ-साथ देशभर के लोगों में राष्ट्रभक्ति की अद्भुत भावनाएं भरती आई हैं। उनकी कई पंक्तियां आज भी जनमानस में रची-बसी हैं। वीरता और मानवता से ओतप्रोत उनकी ओजस्वी और कालजयी रचनाएं हर पीढ़ी को मां…
— Narendra Modi (@narendramodi) September 23, 2025
रामधारी सिंह दिनकर की अमर रचनाएं
रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के सिवान जिले में हुआ था. वे हिंदी साहित्य के क्षेत्र में वीर रस के प्रखर कवि माने जाते हैं और उन्हें ‘राष्ट्रीय कवि’ की उपाधि प्राप्त है. उनकी कविताएं सिर्फ साहित्यिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि उन्होंने भारतीय युवाओं में साहस, देशभक्ति और मानवता के मूल्य भी जागृत किए. उनकी प्रमुख काव्य रचनाओं में ‘रस्साकेश’, ‘रश्मिरथी’, ‘उर्वशी’, ‘परशुराम की प्रतीक्षा’, और ‘कारवां’ शामिल हैं. विशेष रूप से ‘रश्मिरथी’ में महाभारत के भीष्म पितामह के व्यक्तित्व और उनके आदर्शों को बड़े सुंदर काव्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है.
डिजिटल और सोशल मीडिया पर भी हुई श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर दिनकर की कविताओं और उनके योगदान पर लोगों ने जमकर चर्चा किया. इन कार्यक्रमों में कवि सम्मेलन, व्याख्यान और शैक्षणिक सत्र आयोजित कर उनके विचारों और रचनाओं की प्रासंगिकता को उजागर किया गया. साहित्यिक जगत और जनता के बीच दिनकर की कविताओं का प्रभाव आज भी बरकरार है. उनके शब्दों ने भारतीय युवाओं को न केवल साहस और वीरता का पाठ पढ़ाया बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी दी. उनके काव्य में वीरता और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट में कहा कि दिनकर की कविताएं सिर्फ साहित्यिक धरोहर नहीं हैं, बल्कि यह भावनाओं और आदर्शों की प्रेरणा स्रोत हैं. उनकी रचनाएं आज भी युवाओं और नागरिकों को राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन जीने की सीख देती हैं.
ये भी पढ़ें: “झूठे हिंदू भगवान…”, भगवान हनुमान की प्रतिमा को लेकर ट्रंप की पार्टी के नेता ने दिया विवादित बयान, मचा बवाल
– भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


