अयोध्या में बोले संत, सीएम योगी ने विक्रमादित्य की परंपरा को किया पुनर्जीवित, त्रेता युग फिर लौटा
दीपोत्सव 2025 ने अयोध्या को एक बार फिर दिव्यता और आध्यात्मिक भव्यता से आलोकित कर दिया. संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वह कर दिखाया जो युगों तक असंभव माना गया.
Diwali Pooja से पहले मंदिर में लाकर रखें ये 11 चीजें, मिलेगा शुभ फल
दीपावली पर हर कोई विधि-विधान से पूजन करना चाहता है लेकिन अगर ऐसा ना कर सकें तो यह सुनिश्चित करें कि घर के मंदिर में यह 11 प्रकार की वस्तुएं हों इनसे पूजा के समस्त दोष दूर होते हैं और घर में शुभता आती है. उन वस्तुओं के बारे में जानने के लिए देखें ये वीडियो.
Best Places for Dussehra 2025: दिल्ली-NCR में दशहरे पर रावण दहन देखने के लिए ये हैं बेस्ट स्पॉट्स, परिवार और बच्चों के साथ लें भव्य उत्सव का आनंद
दशहरा 2025 में दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख स्थलों पर रावण दहन का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा. लाल किला, रामलीला मैदान, द्वारका, नोएडा और जनकपुरी जैसे स्थान इस त्योहार की खास पहचान हैं.
Anant Chaturdashi Katha: अनंत चतुर्दशी पर इस कथा के बिना अधूरा है व्रत, पाठ करने से होगी हर मनोकामना पूरी
हर साल भाद्रपद मास की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाने वाला अनंत चतुर्दशी व्रत धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. इस दिन कथा पढ़ना, 14 गांठों वाला डोरा बांधना और विधिपूर्वक पूजा करना शुभ माना जाता है.
Radhashtami: बरसाना के पत्थरों से आज भी आती है दूध-दही की महक, यहां गोपियों की मटकियां फोड़कर मक्खन खाते थे कन्हैया
Radhashtami 2025: राधाष्टमी पर बरसाना में लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे. यहां एक जगह दो पहाडि़यों के बीच की गली के पत्थरों से दूध-दही की महक आती है, जहां 5 हजार साल पहले श्रीकृष्ण ने गोपियों की मटकियां फोड़ी थीं. आज भी यहां श्री राधा के पदचिन्ह दिखते हैं.
Raksha Bandhan 2025: आपको मालूम है सबसे पहली राखी किसको बांधी गई थी? यहां जानें मां लक्ष्मी और राजा बलि से जुड़ी रोचक कहानी
रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का त्योहार नहीं, बल्कि सदियों पुरानी एक पवित्र परंपरा है जिसकी जड़ें सतयुग तक जाती हैं. सबसे पहली राखी मां लक्ष्मी ने दानवीर राजा बली को बांधी थी.
Kawar Yatra 2025: कांवड़ियों को कौन-कौन सी बातें ध्यान रखनी चाहिए, जानें यात्रा की शुरूआत से समापन तक के नियम
2025 की कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई को शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी. यह यात्रा भगवान शिव को समर्पित होती है, जिसमें भक्त गंगाजल लेकर शिव मंदिरों में जल अर्पित करते हैं. इसकी परंपरा समुद्र मंथन और भगवान शिव द्वारा विषपान की पौराणिक कथा से जुड़ी है.
Ganga Dussehra 2025: जानिए कब है गंगा दशहरा, यहां जानें तिथि, पूजा-विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व
Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा 5 जून 2025 को मनाया जाएगा. इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा से पापों से मुक्ति मिलती है. मां गंगा का अवतरण इसी दिन हुआ था. शुभ मुहूर्त: दशमी तिथि 4 जून रात 11:54 से.
100 साल बाद अक्षय तृतीया पर दुर्लभ राजयोग: इन राशियों को मिलेगा अपार धन और सौभाग्य
Akshaya Tritiya 2025: अबूझ मुहूर्त में गजकेसरी, अक्षय योग सहित कई राजयोग। धनु, सिंह, वृषभ राशि को धन-लाभ, सफलता। रुके कार्य पूरे होंगे, अध्यात्म बढ़ेगा, तरक्की के योग.
जम्मू कश्मीर में दिखा महाशिवरात्रि पर अद्भुत नजारा, मंदिरों में भक्तों का उमड़ा सैलाब
महाशिवरात्रि पर जम्मू के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया और हर ओर 'हर हर महादेव' के जयघोष गूंज उठे.





