भारत की सफलताओं ने पूरे विश्व में एक नई उम्मीद जगाई है, ये भारत की सदी और नए अवसरों का युग है: पीएम मोदी
PM Modi ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा कि आज हम जिस मोड़ पर खड़े हैं, वहां से भारत के लिए असीम संभावनाएं हैं. ये संभावनाएं हमारी युवा शक्ति से निकल रही हैं. भारत का युवा अब खुद को सिर्फ नौकरी तलाशने वाला नहीं मानता, बल्कि वह नौकरी देने वाला और नई ऊंचाइयों को छूने वाला बन रहा है.
भारत की आर्थिक वृद्धि संतुलित, निजी खपत का GDP में योगदान बढ़ा
क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत की आर्थिक वृद्धि संतुलित हो रही है. जीडीपी में निजी खपत की हिस्सेदारी बढ़ी है, जबकि राजकोषीय घाटा ₹11.70 लाख करोड़ तक पहुंच गया है.
भारत की GDP वृद्धि दर वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 6.2 प्रतिशत रही: सांख्यिकी मंत्रालय
सरकार द्वारा जारी किए गए अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इस दौरान चालू वित्त वर्ष के लिए नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
23-35 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ 2047 तक भारत उच्च आय वाला देश बन जाएगा
भारत 2047 तक 23-35 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ उच्च आय वाला देश बन जाएगा, जो 8-10 प्रतिशत की निरंतर वार्षिक वृद्धि की वजह से संभव होगा.
1947 से 2024 तक भारत और पाकिस्तान कौन कहां पहुंचा, भारत का बजट 48 लाख करोड़, पाकिस्तान का कितना.. जानिए सब कुछ
भारत ने आजादी के वक्त यानी 26 नवंबर 1947 को महज 171.15 करोड़ रुपये का अपना पहला बजट पेश किया था, जो कि 23 जुलाई 2024 तक 48 लाख 20 हजार 512 करोड़ पहुंच चुका है.
सकारात्मक संकेत, 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ में 2024 में OFDI पहुंचा 37.68 अरब डॉलर
ऋण श्रेणी के अंतर्गत भारतीय कंपनियों द्वारा OFDI 2024 में 8.7 अरब डॉलर था, जबकि पिछले कैलेंडर वर्ष में यह 4.76 अरब डॉलर था. घरेलू फर्मों द्वारा जारी गारंटी 2023 में 18.44 अरब डॉलर के मुकाबले 2024 में घटकर 16.29 अरब डॉलर रह गई.
सहकारी समितियां साल 2030 तक 5.5 करोड़ प्रत्यक्ष रोजगार और 5.6 करोड़ स्वरोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं: रिपोर्ट
Self Employment: सहकारी समितियों में 2030 तक 55 मिलियन प्रत्यक्ष रोजगार और 56 मिलियन स्वरोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता है, जिससे रोजगार सृजनकर्ता के रूप में उनकी भूमिका और भी बढ़ जाएगी.
अर्थव्यवस्था का 55% हिस्सा सकारात्मक रूप से बढ़ रहा, कृषि में सुधार के संकेत, अच्छी संभावनाओं की जताई गई उम्मीद: रिपोर्ट
रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि उद्योगों, विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों का ऋण तेजी से बढ़ रहा है और मजबूत डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे ने ऋण तक पहुंच को बढ़ाया है.
भारत की जीडीपी अगले तीन वित्त वर्षों में सालाना 6.5 से 7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी: रिपोर्ट
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने पिछले महीने कहा था कि भारत की विकास कहानी बरकरार है, क्योंकि इसके मूलभूत चालक - खपत और निवेश मांग - गति पकड़ रहे हैं.
अर्थशास्त्रियों ने भारत की बढ़ती जीडीपी की सराहना की
आर्थिक जगत के दिग्गजो ने भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े डेटा को देखा तो इसे लेकर उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.





