शिवमूर्ति की कोई भी रचना ऐसी नहीं होती जिसमें लोकरंग न आए : रविकांत
लेखक विचारक नहीं हो सकता. अगर वह विचारक हो गया तो दूसरों की न सुनेगा, न कहेगा, वह अपनी ही कहेगा. लेखक जैसा होता है, उसका कुछ अक्स उसके पात्रों में दिख ही जाता है.
‘E4M’ की ओर से 40 उर्दू पत्रकारों को सम्मान, भारत एक्सप्रेस के रहमतुल्लाह और मोहम्मद समीर भी हुए सम्मानित
Urdu Journalists: अवार्ड हासिल करने वालों में भारत एक्सप्रेस उर्दू डिजिटल के 2 पत्रकार रहमतुल्लाह और मोहम्मद समीर भी हैं, जिनको भारत एक्सप्रेस की पूरी टीम की तरफ से हार्दिक बधाई दी गई.





