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Janmashtami 2025

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 पर पूरे देश में भक्ति और उल्लास का माहौल है. पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. मथुरा में प्रशासन ने कड़ी की सुरक्षा व्यवस्था.

Janmashtami 2025: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami) के पावन पर्व को लेकर देशभर के मंदिरों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. नोएडा के इस्कॉन मंदिर में इस बार करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है.

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त को पूरे देश में उत्साह के साथ मनाई जाएगी. गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को निष्काम कर्म, मोह-क्रोध से बचाव और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया था. इन उपदेशों को जीवन में अपनाने से हमें मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त हो सकता है.

Janmashtami 2025: भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 पर व्रत विधि, पूजा नियम और शुभ कार्यों की पूरी जानकारी. जानें इस दिन क्या करें और किन बातों से बचें...

Janmashtami 2025: इस जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण का 5252 जन्मोत्सव मनाया जाएगा. इसके लिए पूरी जन्मभूमि को दुल्हन की तरह सजी है. जानिए 16 अगस्त की रात जन्माभिषेक कार्यक्रम कैसे रहने वाला है?

जन्माष्टमी पर खीरे से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म कराने की अनोखी परंपरा का महत्व जानें, क्यों डंठल वाले खीरे से ‘नाल छेदन’ की रस्म निभाई जाती है और यह कैसे भगवान के जन्म का प्रतीक है?

इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भ्रम है कि यह 16 अगस्त को मनाई जाएगी या 17 अगस्त को. मथुरा और काशी के पंचांग के अनुसार 16 अगस्त को ही जन्माष्टमी का भव्य उत्सव होगा.

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 पर घर-घर राधा-कान्हा सेल्फी प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है. बच्चों को राधा और कृष्ण के रूप में सजाकर उनकी तस्वीर खींचें, क्यूआर कोड स्कैन कर भेजें और जीतें आकर्षक पुरस्कार.

16 अगस्त को पूरे भारत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी. इस दिन व्रत, संकल्प और मध्यरात्रि अभिषेक के माध्यम से भक्ति और आत्मिक शुद्धि का अनुभव होता है. जानें व्रत के तीन प्रमुख तरीके और पूजा के नियम.

भगवान श्रीकृष्ण ने अपना विराट रूप दिखाते समय अर्जुन को बतलाया था कि वह कुरुक्षेत्र में सभी पापियों को नष्ट करने के लिए प्रकट हुए हैं, क्योंकि उन्हें उस समय धरती से अधर्म का नाश करना था, इसलिए उन्होंने करोड़ों योद्धाओं को युद्ध के जरिए मुक्ति दी.