झारखण्डे राय: जिसकी अर्थी भी चंदे से उठी, 7 बार सांसद रहे नेता ने सिद्धांतों के लिए छोड़ी मंत्री की कुर्सी
झारखण्डे राय ने आजादी के बाद गरीबों, किसानों और मजदूरों की आवाज बनकर राजनीति की और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया.

झारखण्डे राय ने आजादी के बाद गरीबों, किसानों और मजदूरों की आवाज बनकर राजनीति की और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया.