Bharat Express Exclusive: नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा- ‘करुणा भाव नहीं, अंतर्निहित शक्ति है; Gen-Z में है दुनिया बदलने की नैतिक ताकत’
एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा में नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी की पुस्तक 'करुणा: समाधान की शक्ति' का विमोचन हुआ. इस दौरान 'भारत एक्सप्रेस' से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि करुणा केवल भाव नहीं, बल्कि एक अंतर्निहित शक्ति है और मौजूदा वैश्विक संकट में Gen-Z के पास दुनिया बदलने की सबसे बड़ी नैतिक ताकत है.
‘एक दीया, जो बुझा नहीं..’, भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की वह कहानी जो इतिहास बन गई
यह सिर्फ एक पुरस्कार की कहानी नहीं, बल्कि उस जंग की गवाही है, जिसे कैलाश सत्यार्थी ने बच्चों की आज़ादी और अधिकारों के लिए लड़ा. 'एक दीया, जो बुझा नहीं' केवल एक शख्स की कहानी नहीं, बल्कि उन करोड़ों मासूम बच्चों की आवाज है, जिनकी हथेली में आज भी कलम की जगह पत्थर हैं.





