एक फोन कॉल और 3 बड़ी चूकें… जानिए क्यों आज भी सिहरा देती है 1995 की वह रात?
20 अगस्त 1995 की रात फिरोजाबाद में एक नीलगाय से टकराने के बाद कालिंदी एक्सप्रेस ट्रैक पर रुक गई. कुछ ही देर बाद गलत सूचना के चलते उसी ट्रैक पर तेज रफ्तार पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई.
कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस को उड़ाने की साजिश! पटरी पर रखे LPG सिलेंडर से टकराई ट्रेन, पास में मिले पेट्रोल भरी बोतलें और बारूद
कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस को ब्लास्ट कर उड़ाने की साजिश सामने आई है. यहां रेलवे लाइन पर रखे LPG सिलेंडर से ट्रेन टकरा गई. इससे तेज आवाज हुई, जिसके बाद ड्राइवर ने ट्रेन को रोक दिया.





