डिजिटल न्याय में समावेशन जरूरी वरना बढ़ेगी असमानता: जस्टिस सूर्यकांत
Justice Suryakant ने कहा कि न्याय तभी सार्थक है जब वह सुलभ, दृश्यमान और गरिमा से जुड़ा हो. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डिजिटलीकरण में समावेशन नहीं हुआ तो यह न्याय व्यवस्था में नई असमानता का कारण बन सकता है.





