‘प्यार करना और साथ रहना मौलिक अधिकार’: दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले से लिव-इन रिलेशनशिप पर मुहर
दिल्ली हाई कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे जोड़ों के अधिकारों पर एक बड़ा और स्पष्ट फैसला सुनाया है. जस्टिस सौरभ बनर्जी की पीठ ने साफ किया कि दो बालिग (adults) अपनी मर्जी से साथ रहने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं.
अपने जीवनसाथी के रहते मुस्लिम व्यक्ति Live-In Relation में अधिकारों का दावा नहीं कर सकते… Allahabad High Court का बड़ा फैसला, पुलिस को दिया ये आदेश
अदालत ने एक युवक के खिलाफ अपहरण के मामले को रद्द करने और हिंदू-मुस्लिम जोड़े के रिश्ते में हस्तक्षेप न करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं.





