Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

‘बाबूजी’ की उंगलियों ने दिया धोखा, कुर्सी छूटी और हाथ में आया चपरासी का पद! DM का करारा झटका; देखें VIDEO

Bareilly News: बरेली में डीएम अविनाश सिंह की कड़क कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. लगातार 3 बार हिंदी टाइपिंग टेस्ट में फेल होने पर कनिष्ठ लिपिक रेहान खान को डिमोट करके सीधे चपरासी बना दिया गया, जबकि गबन के आरोपी एक अन्य कर्मचारी को नौकरी से निकाल बाहर किया गया.

बरेली में 3 बार हिंदी टाइपिंग टेस्ट में फेल होने पर क्लर्क रेहान खान को चपरासी पद पर डिमोट किया गया.

Bareilly News: कहते हैं कि सरकारी नौकरी में एक बार एंट्री मिल जाए तो गद्दी पक्की हो जाती है, लेकिन बरेली में डीएम अविनाश सिंह ने इस धारणा की हवा निकाल दी है. मृतक आश्रित कोटे से क्लर्क बने साहब को जब कंप्यूटर की कीबोर्ड पर उंगलियां चलाना नहीं आया, तो साहब की कुर्सी छिन गई. तीन बार परीक्षा में फेल होने का ऐसा ‘इनाम’ मिला कि क्लर्क सीधे चपरासी (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) के पद पर लैंड हो गए.

बरेली कलेक्ट्रेट में डीएम अविनाश सिंह के इस ‘डबल एक्शन’ से जबरदस्त हड़कंप मचा है. एक तरफ जहां काम में लापरवाही और ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों की नींद उड़ गई है, वहीं आम जनता प्रशासन के इस सख्त और निष्पक्ष फैसले की जमकर तारीफ कर रही है.

टाइपिंग में ‘डब्बा गोल’ तो सीधे चपरासी की पोस्ट

मामला बरेली की मीरगंज तहसील का है, जहां जुलाई 2021 में मृतक आश्रित कोटे से रेहान खान को कनिष्ठ लिपिक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी. नियम के मुताबिक कुर्सी बचाने के लिए हिंदी टाइपिंग टेस्ट पास करना जरूरी था. लेकिन रेहान साहब का टाइपिंग में हाल बेहाल निकला. सितंबर 2023 में पहला टेस्ट फेल, जून 2024 में दूसरा मौका भी हाथ से गया, और फिर सितंबर 2026 के आखिरी चांस में भी उनका डब्बा गोल ही रहा. नतीजतन, डीएम ने 16 सितंबर को कड़ा फरमान जारी करते हुए उन्हें बाबू से सीधे चपरासी बना दिया.

बाकी ‘बाबुओं’ को मिला 2 महीने का अल्टीमेटम

रेहान खान का हश्र देखकर दफ्तर के बाकी बाबू-भैयाओं के पसीने छूट गए हैं. प्रशासन ने टाइपिंग में पिछड़े राहुल कुमार, लक्ष्मी सक्सेना, कंचित चौधरी और नेहा जोशी को सुधार के लिए 2 महीने की मोहलत और आखिरी मौका दिया है. संदेश साफ है या तो कंप्यूटर पर उंगलियां चलाओ, वरना झाड़ू-पोछा लगाने के लिए तैयार रहो!

सरकारी खजाने में ‘डाका’ डालने वाला कर्मचारी बर्खास्त

सिर्फ टाइपिंग फेल क्लर्क ही नहीं, बल्कि फरीदपुर तहसील में पदस्थ रहे अंशुल वर्मा नाम के कर्मचारी पर भी डीएम का चाबुक चला. अंशुल पर अमीन का पैसा अपने पर्सनल बैंक अकाउंट में डालकर गबन करने का संगीन आरोप था. एडीएम सिटी की जांच में आरोप शत-प्रतिशत सही पाए जाने पर उन्हें सेवा से हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया गया.

यह भी पढ़ें-मेरठ में बिल्ली के बच्चे पर छिड़ी महाभारत: मामूली बात पर आमने-सामने आए पड़ोसी; धारदार हथियारों से किया हमला

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital