Bharat Express DD Free Dish

Lord Krishna

देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में ‘हरिहर मिलन’ होता है. कन्हैया खुद आकर शिवजी के साथ होली खेलते हैं. रावण की कथा से भी जुड़ी एक अनोखी परंपरा, जो कि 3 मार्च 2026 को सुबह 5:30 बजे शुरू होगी.

Mahabharata Warriors Divine Shankh: द्वापर युग में हुए कुरुक्षेत्र के युद्ध में केवल श्रीकृष्ण का पांचजन्य ही नहीं गूंजा था, बल्कि भीष्म पितामह, अर्जुन और दुर्योधन के पास भी तेज आवाज वाले शंख थे. जानिए महाभारत के अनुसार किस योद्धा के शंख का क्या नाम था और उसकी उत्पत्ति कैसे हुई.

Lord Vishnu Sudarshan Chakra: सुदर्शन चक्र केवल एक अस्त्र नहीं, बल्कि भगवान विष्णु की दिव्य चेतना का प्रतीक है. इसका वेग लोहा-पत्‍थर और पर्वतों को भी काट डालने वाला है. यह दैवीय अस्‍त्र अधर्म का अंत करता है.

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन गोपाष्टमी और आडल योग का संयोग है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गो माता की एक साथ पूजा की जाती है.

Radha Krishna Love: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राधा और श्रीकृष्ण का पहला मिलन बरसाना और नंदगांव के बीच स्थित पवित्र स्थल संकेत तीर्थ पर हुआ था.

Radhashtami 2025: राधाष्टमी पर बरसाना में लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे. यहां एक जगह दो पहाडि़यों के बीच की गली के पत्थरों से दूध-दही की महक आती है, जहां 5 हजार साल पहले श्रीकृष्ण ने गोपियों की मटकियां फोड़ी थीं. आज भी यहां श्री राधा के पदचिन्ह दिखते हैं.

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर छोटे पर्दे पर भगवान श्री कृष्ण की भूमिकाओं को निभाने वाले अभिनेताओं की चर्चा विशेष है. ‘महाभारत’, ‘श्री कृष्णा’, ‘राधाकृष्ण’ और अन्य टीवी शो में कलाकारों ने कृष्ण की शरारत, प्रेम और उपदेशों को जीवंत कर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई हैं.

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत कई नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं.

Krishna Janmashtami 2025: लगभग 5 हजार वर्ष पूर्व श्रीकृष्ण और बलराम ने चाणूर-मुष्टिक जैसे राक्षसों को अखाड़े में पराजित कर राक्षसराज कंस का वध किया और मथुरा नगरी को अत्याचार से मुक्त किया.

भगवान श्रीकृष्ण ने अपना विराट रूप दिखाते समय अर्जुन को बतलाया था कि वह कुरुक्षेत्र में सभी पापियों को नष्ट करने के लिए प्रकट हुए हैं, क्योंकि उन्हें उस समय धरती से अधर्म का नाश करना था, इसलिए उन्होंने करोड़ों योद्धाओं को युद्ध के जरिए मुक्ति दी.